{"_id":"58f0ed524f1c1bc342cf7a4f","slug":"mayawati-indicates-that-bsp-may-join-with-sp","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा मिला सकती है सपा के साथ हाथ, मायावती ने दिए संकेत ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बसपा मिला सकती है सपा के साथ हाथ, मायावती ने दिए संकेत
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
Updated Sat, 15 Apr 2017 02:32 PM IST
विज्ञापन
मायावती, बसपा सुप्रीमो
- फोटो : Getty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की दो धुर-विरोधी पार्टियां सपा और बसपा भी एक साथ आ सकती है। भाजपा को रोकने के लिए किसी भी विरोधी दल से हाथ मिलाने की बात कहकर बसपा सुप्रीमो ने इस बात के संकेत दे दिए हैं। मायावती के इस बयान पर समाजवादी पार्टी ने कहा है कि वे भी चाहती है कि सभी धर्मनिरपेक्ष दल एक साथ आये। मगर इसके लिए सबसे बड़ी पार्टी के चलते कांग्रेस को एकजुटता के लिए पहल करनी चाहिए।
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी के महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि सपा पहले दिन से ही सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ आने की पैरवी कर रही है। मगर कोई दूसरे दल के बजाय सबसे बड़े दल के तौर पर कांग्रेस को इसके लिए पहल करनी चाहिए।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो के बयान का तमाम विपक्षी दलों ने खुलकर स्वागत किया है। समाजवादी पार्टी के अलावा कांग्रेस, वामदल, जदयू और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने कहा है कि मायावती ने सही समय पर सही फैसला लिया है।
विज्ञापन
भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती के इस कदम से धर्मनिरपेक्ष दल एकजुट होंगे। वहीं राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के डी पी त्रिपाठी ने कहा कि मायावती देर आई दुरुस्त आई। जदयू नेता के सी त्यागी ने कहा, ‘हम इसका खुलकर स्वागत करते हैं। अब सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ एकजुट होकर दीर्घकालिक योजना बनाने की जरूरत है।’