{"_id":"657b48106fb9731a450898e6","slug":"mastermind-lalit-jha-a-quiet-man-recalls-his-kolkata-neighbours-parliament-security-breach-2023-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Security Breach: बंगाल से जुड़े मास्टर माइंड के तार, पड़ोसी बोले- गुमसुम रहने वाला व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Security Breach: बंगाल से जुड़े मास्टर माइंड के तार, पड़ोसी बोले- गुमसुम रहने वाला व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है
Thu, 14 Dec 2023 11:53 PM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: जलज मिश्रा
Updated Thu, 14 Dec 2023 11:53 PM IST
सार
शॉ ने बताया कि ललित एक शिक्षक था। वह स्थानीय बच्चों को पढ़ाता था। कुछ वर्ष पहले ही वह हमारे मोहल्ले में आया था और अकेला ही रहता था। वह अपने में ही मस्त रहता था। लोगों से कम ही बात करता था। कभी-कभी मेरी दुकान पर ही चाय पीता था।
विज्ञापन
ललित मोहन झा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संसद की सुरक्षा चूक मामले के मुख्य आरोपी ललित झा के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े हुए हैं। दिल्ली पुलिस जांच-पड़ताल में जुट गई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने झा के पड़ोसी और जानकारों से भी संपर्क किया। झा के पड़ोसी और जानकार उसे टीवी पर देख हैरान हैं। वह इसलिए भी हैरत में हैं कि गुमसुम रहने वाला एक व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है। स्पेशल सेल ने वहां के स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। इस दौरान बुर्राबाजार इलाके के रवींद्र सारणी में चाय की दुकान चलाने वाले पापुन शॉ ने बताया कि झा एक शिक्षक था, जो दो साल पहले ही गांव से अचानक गायब हो गया था।
मुख्य आरोपी दो भाई हैं
शॉ ने बताया कि ललित एक शिक्षक था। वह स्थानीय बच्चों को पढ़ाता था। कुछ वर्ष पहले ही वह हमारे मोहल्ले में आया था और अकेला ही रहता था। वह अपने में ही मस्त रहता था। लोगों से कम ही बात करता था। कभी-कभी मेरी दुकान पर ही चाय पीता था। लेकिन दो साल पहले वह अचानक यहां से चला गया, जिसके बाद से वह कभी नहीं लौटा। बड़ा बाजार इलाके के राजेश शुक्ला ने बताया कि वह बहुत कम लोगों से ही करता था। वह किराए के मकान पर ही बच्चों को पढ़ाता था। उसके पिता क्षेत्र में ही चौकीदारी करते थे। उसका एक भाई और है। दो वर्ष पहले उत्तर 24 परगना के बागुईआटी में उसाका ट्रांसफर हो गया था। वह बहुत अच्छा लड़का था। हमें भरोसा नहीं हो रहा कि वह ऐसा कर सकता है।
घटना के बाद वीडियो व्हाट्सएप किया
पूछताछ के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक एनजीओ की संस्थापक नीलाक्ष आइच से भी संपर्क किया है। इस दौरान आइच ने बताया कि झा ने उनकी मुलाकात इसी साल अप्रैल में हुई थी। हम कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आयोजित एक सेमिनार में मिले थे। वहां अन्य शोधकर्ता और लेखक भी थे। हमने एनजीओ से संबंधित कई बार बात की। कल दोपहर उसने मुझे करीब एक बजे व्हाट्सएप पर वीडियो भी भेजा था। बाद में मैंने टीवी देखा तो हैरान रह गई।
विज्ञापन
भाजपा-टीएमसी की राजनीति
चूंकि ललित के तार बंगाल से जुड़े हैं तो राजनीति स्वाभाविक है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने टीएमसी विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह झा के काफी कारीब थे। मजूमदार ने दोनों की साथ में तस्वीर भी शेयर की है। फोटो शेयर करते हुए मजूमदार ने एक्स पर लिखा कि हमारे लोकतंत्र के मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड झा लंबे समय तक टीएमसी के रॉय के साथ था। दोनों में काफी घनिष्ठता थी। क्या सबूत के लिए इतना पर्याप्त नहीं है। मजूमदार के आरोपों को रॉय ने खारिज करते हुए कहा कि मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। सैकड़ों लोग साथ में तस्वीर खिंचवाते हैं। हम सबको तो नहीं जानते न। भाजपा अब सिर्फ दोषारोपण कर असल मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है।
ललित झा ने किया सरेंडर
मास्टर माइंड ललित मोहन झा ने दिल्ली पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया है। झा ने दिल्ली के कर्तव्य पथ थाने में सरेंडर किया। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। बता दें, ललित घटना के बाद से ही फरार चल था। ललित को इस घटना का मास्टर माइंड बताया जा रहा है और इसकी तलाश में पुलिस लगातार जगह-जगह छापे मार रही थी। संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले पुलिस ने इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ललित के बारे में कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इससे पहले खबर आई थी कि ये राजस्थान में कहीं छिपा बैठा है लेकिन इसने खुद की थाने में पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन
मुख्य आरोपी दो भाई हैं
शॉ ने बताया कि ललित एक शिक्षक था। वह स्थानीय बच्चों को पढ़ाता था। कुछ वर्ष पहले ही वह हमारे मोहल्ले में आया था और अकेला ही रहता था। वह अपने में ही मस्त रहता था। लोगों से कम ही बात करता था। कभी-कभी मेरी दुकान पर ही चाय पीता था। लेकिन दो साल पहले वह अचानक यहां से चला गया, जिसके बाद से वह कभी नहीं लौटा। बड़ा बाजार इलाके के राजेश शुक्ला ने बताया कि वह बहुत कम लोगों से ही करता था। वह किराए के मकान पर ही बच्चों को पढ़ाता था। उसके पिता क्षेत्र में ही चौकीदारी करते थे। उसका एक भाई और है। दो वर्ष पहले उत्तर 24 परगना के बागुईआटी में उसाका ट्रांसफर हो गया था। वह बहुत अच्छा लड़का था। हमें भरोसा नहीं हो रहा कि वह ऐसा कर सकता है।
विज्ञापन
घटना के बाद वीडियो व्हाट्सएप किया
पूछताछ के सिलसिले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक एनजीओ की संस्थापक नीलाक्ष आइच से भी संपर्क किया है। इस दौरान आइच ने बताया कि झा ने उनकी मुलाकात इसी साल अप्रैल में हुई थी। हम कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आयोजित एक सेमिनार में मिले थे। वहां अन्य शोधकर्ता और लेखक भी थे। हमने एनजीओ से संबंधित कई बार बात की। कल दोपहर उसने मुझे करीब एक बजे व्हाट्सएप पर वीडियो भी भेजा था। बाद में मैंने टीवी देखा तो हैरान रह गई।
विज्ञापन
भाजपा-टीएमसी की राजनीति
चूंकि ललित के तार बंगाल से जुड़े हैं तो राजनीति स्वाभाविक है। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने टीएमसी विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह झा के काफी कारीब थे। मजूमदार ने दोनों की साथ में तस्वीर भी शेयर की है। फोटो शेयर करते हुए मजूमदार ने एक्स पर लिखा कि हमारे लोकतंत्र के मंदिर पर हमले का मास्टरमाइंड झा लंबे समय तक टीएमसी के रॉय के साथ था। दोनों में काफी घनिष्ठता थी। क्या सबूत के लिए इतना पर्याप्त नहीं है। मजूमदार के आरोपों को रॉय ने खारिज करते हुए कहा कि मैं एक जनप्रतिनिधि हूं। सैकड़ों लोग साथ में तस्वीर खिंचवाते हैं। हम सबको तो नहीं जानते न। भाजपा अब सिर्फ दोषारोपण कर असल मुद्दे से ध्यान भटकाना चाहती है।
ललित झा ने किया सरेंडर
मास्टर माइंड ललित मोहन झा ने दिल्ली पुलिस को आत्मसमर्पण कर दिया है। झा ने दिल्ली के कर्तव्य पथ थाने में सरेंडर किया। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। बता दें, ललित घटना के बाद से ही फरार चल था। ललित को इस घटना का मास्टर माइंड बताया जा रहा है और इसकी तलाश में पुलिस लगातार जगह-जगह छापे मार रही थी। संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले पुलिस ने इससे पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन ललित के बारे में कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इससे पहले खबर आई थी कि ये राजस्थान में कहीं छिपा बैठा है लेकिन इसने खुद की थाने में पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।