इनकम टैक्स विवाद में सचिन तेंदुलकर को मिली बड़ी जीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्रिकेट की पिच पर लगभग सभी रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने एक और जीत अपने नाम कर ली है। मामला एक टैक्स भुगतान के संबंध में हुए विवाद से जुड़ा हुआ है।
इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक टैक्स विवादों का निपटारा करने वाले इनकम टैक्स अपीलेट ट्रब्यूनल (ITAT) ने आदेश दिया है कि शेयरों की बिक्री से होने वाली आय पर कैपिटल गेन्स की तरह टैक्स लगेगा न कि बिजनेस इनकम की तरह।
आपको बता दें कि 2009-10 में सचिन तेंडुलकर ने 'इनकम टैक्स रिटर्न' भरते समय शेयरों की बिक्री से हुई आय को कैपिटल गेन्स के तौर पर बताया था, लेकिन आयकर अफसरों ने 1.36 करोड़ रुपये को बिजनेस से कमाई गई आय माना था।
खबर के मुताबिक इस टैक्स विवाद में आयकर आयुक्त ने सचिन तेंदुलकर के पक्ष में फैसला सुनाया था। हालांकि बाद में इनकम टैक्स विभाग ने ITAT में इस फैसले को चुनौती दी थी।
सचिन के पक्ष में आया फैसला
ITAT के दोनों सदस्यों महावीर सिंह और अश्वनी तनेजा ने पाया कि सचिन ने शेयरों में निवेश लंबे समय को ध्यान में रखकर किया था और ज्यादातर आय स्पोर्ट्स एंडॉर्समेंट्स से हुई थी। ट्रब्यूनल के मुताबिक सचिन शेयर ट्रेडिंग बिजनेस में शामिल नहीं थे उन्होंने तो केवल निवेश किया था।
आपको बता दें कि CBDT ने भी इससे पहले 29 फरवरी 2016 के अपने एक सर्कुलर में कहा था कि जो लोग लंबे समय तक (12 महीनों से अधिक) शेयर रखकर मुनाफे में बेचते हैं और उसको कैपिटल गेन्स के अंतर्गत घोषित करते हैं तो उस पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स देय नहीं होगा।
इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ITAT ने भी पुराने फैसले को कायम रखते हुए शेयरों और म्युचुअल फंड की बिक्री से हुई आय को कैपिटल गेन्स माना।