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शहीद सुधीश की पत्नी ने अन्न-जल त्यागा, मुख्यमंत्री को बुलाने की जिद
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
Updated Wed, 19 Oct 2016 10:57 PM IST
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संभल के पनसुखा गांव में शहीद सुधीश के घर लखनऊ जाने के लिए मनाते तहसीलदार
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पाक सीमा पर शहीद हुए गांव पनसुखा मिलक निवासी सैनिक सुधीश कुमार की पत्नी कविता और मां संतो देवी ने अन्न त्याग दिया। पत्नी का कहना था कि सीएम उनके गांव नहीं आए। अगर उन्हें फौजियों की परवाह है तो वे खुद गांव आएं। इस बात का उसे अफसोस है। कविता ने कहा कि यदि सीएम नहीं आए तो वह आत्मदाह कर लेगी। दिन भर प्रशासन और पुलिस के अफसर लखनऊ में सीएम से मिलाने की बात कहकर शहीद के परिजनों को मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन वे अड़े रहे।
मंगलवार को उनके अंतिम संस्कार के समय परिजनों ने सीएम को बुलाने की मांग उठाई थी और अंतिम संस्कार रोक दिया था। इस पर प्रशासन और सपा नेताओं ने सीएम आवास तक शहीद के परिवार की मांग पहुंचाई। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को दिनमें 11 बजे का समय शहीद परिवार के लिए दिया लेकिन शहीद का परिवार लखनऊ जाने पर राजी नहीं हुआ। मंगलवार को देर शाम ही शहीद के परिवार ने लखनऊ जाने से इनकार कर दिया।
वहीं, बुधवार को शहीद की पत्नी कविता और मां संतो देवी ने अन्न त्याग दिया। पत्नी का कहना था कि सीएम उनके गांव नहीं आए। इस बात का उसे अफसोस है। कविता ने कहा कि यदि सीएम नहीं आए तो वह आत्मदाह कर लेगी। इसी बीच बुधवार को दोपहर संभल के तहसीलदार अरविंद तिवारी गांव पहुंचे। उन्होंने शहीद के पिता ब्रह्मपाल सिंह से सीधी बातचीत की। कई राउंड बातचीत हुई। एक बार को परिजन लखनऊ जाने के लिए राजी हुए लेकिन अचानक उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि घर में शोक का माहौल है। तीजा होना है। अचानक वह कैसे लखनऊ चले जाएं। यदि सीएम को आना है तो गांव आएं। इसके बाद प्रशासन देर शाम तक अपना प्रयास जारी रखा।
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इसी दौरान भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया गांव पहुंचे। परिजनों ने तहसीलदार और थाना प्रभारी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा महामंत्री ने सबके सामने तहसीलदार और एसओ से आपत्ति की और उन्हें खरी-खरी सुनाईं। पत्नी और मां के अन्न त्यागने के बारे में प्रशासनिक अधिकारी खुद को बेखबर बता रहे हैं। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी का कहना है कि परिजनों की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंनें प्रशासन की ओर से कोई दबाव बनाए जाने से भी इनकार किया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शहीद के परिजनों से आग्रह किया गया था लेकिन गुरुवार को ही तीजा होने की वजह से परिजनों ने मना किया। अब जल्दी ही दोबारा समय तय किया जाएगा। वहीं देर शाम शहीद के परिजनों में कपिल कुमार का कहना था कि विधायक पिंकी यादव के माध्यम से परिजनों को बात मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है। अगर विधायक कोई समय तय करती हैं तो उस पर परिवार के लोग विचार करेंगे।
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मंगलवार को उनके अंतिम संस्कार के समय परिजनों ने सीएम को बुलाने की मांग उठाई थी और अंतिम संस्कार रोक दिया था। इस पर प्रशासन और सपा नेताओं ने सीएम आवास तक शहीद के परिवार की मांग पहुंचाई। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को दिनमें 11 बजे का समय शहीद परिवार के लिए दिया लेकिन शहीद का परिवार लखनऊ जाने पर राजी नहीं हुआ। मंगलवार को देर शाम ही शहीद के परिवार ने लखनऊ जाने से इनकार कर दिया।
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वहीं, बुधवार को शहीद की पत्नी कविता और मां संतो देवी ने अन्न त्याग दिया। पत्नी का कहना था कि सीएम उनके गांव नहीं आए। इस बात का उसे अफसोस है। कविता ने कहा कि यदि सीएम नहीं आए तो वह आत्मदाह कर लेगी। इसी बीच बुधवार को दोपहर संभल के तहसीलदार अरविंद तिवारी गांव पहुंचे। उन्होंने शहीद के पिता ब्रह्मपाल सिंह से सीधी बातचीत की। कई राउंड बातचीत हुई। एक बार को परिजन लखनऊ जाने के लिए राजी हुए लेकिन अचानक उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि घर में शोक का माहौल है। तीजा होना है। अचानक वह कैसे लखनऊ चले जाएं। यदि सीएम को आना है तो गांव आएं। इसके बाद प्रशासन देर शाम तक अपना प्रयास जारी रखा।
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इसी दौरान भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया गांव पहुंचे। परिजनों ने तहसीलदार और थाना प्रभारी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा महामंत्री ने सबके सामने तहसीलदार और एसओ से आपत्ति की और उन्हें खरी-खरी सुनाईं। पत्नी और मां के अन्न त्यागने के बारे में प्रशासनिक अधिकारी खुद को बेखबर बता रहे हैं। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी का कहना है कि परिजनों की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंनें प्रशासन की ओर से कोई दबाव बनाए जाने से भी इनकार किया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शहीद के परिजनों से आग्रह किया गया था लेकिन गुरुवार को ही तीजा होने की वजह से परिजनों ने मना किया। अब जल्दी ही दोबारा समय तय किया जाएगा। वहीं देर शाम शहीद के परिजनों में कपिल कुमार का कहना था कि विधायक पिंकी यादव के माध्यम से परिजनों को बात मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है। अगर विधायक कोई समय तय करती हैं तो उस पर परिवार के लोग विचार करेंगे।
लखनऊ जाने को दबाव बना रहा प्रशासन, बोली पत्नी
सीएम को अपने गांव बुलाने की मांग कर रही शहीद सुधीश कुमार की पत्नी और ने बुधवार को अन्न त्याग दिया। पत्नी कविता का कहना है कि यदि सीएम नहीं आए तो आत्मदाह कर लेंगी। इससे प्रशासन बेखबर है जबकि गांव में पूरे दिन प्रशासन की ओर से तहसीलदार बने रहे। परिजनों पर लखनऊ जाने का दबाव बना रहे थे।
शहीदों-फौजियों के घर सरकार आती है, वे नहीं जाते : कटारिया
भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया ने शहीद के गांव में जाकर परिजनों को सांत्वना दी। उस वक्त मौजूद तहसीलदार अरविंद तिवारी और थानाध्यक्ष केके तिवारी शहीद के पिता को अलग बुलाकर बातचीत करने लगे। परिजनों ने कहा कि प्रशासन बार-बार उन पर लखनऊ चलने का दबाव बना रहा है। इस पर भाजपा के महामंत्री को गुस्सा आया। वह अपनी कुर्सी से उठकर तहसीलदार तथा नखासा की ओर बढ़े और तीखे तेवर के थानाध्यक्ष से पूछा कि जब परिवार लखनऊ नहीं जाना चाहता है तो आप दबाव क्यों बनाना चाहते हैं। शहीदों के घर सरकार जाती है वे कहीं नहीं जाते।
इस पर नखासा के थानाध्यक्ष ने कि कहा कि वह सीएम का संदेश लेकर आए हैं। तहसीलदार चुप रहे। यह घटनाक्रम शाम पांच बजे का है। भाजपा के महामंत्री शाम छह बजे तक गांव में रहे। तहसीलदार अरविंद तिवारी ने कहा कि उनकी ओर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया। शासन की ओर से संदेश मिला था वह शहीद के परिजनों को बताया गया है। अगर शहीद परिवार लखनऊ नहीं जाना चाहता है तो इसे अधिकारियों को अवगत कराएंगे।
शहीदों-फौजियों के घर सरकार आती है, वे नहीं जाते : कटारिया
भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया ने शहीद के गांव में जाकर परिजनों को सांत्वना दी। उस वक्त मौजूद तहसीलदार अरविंद तिवारी और थानाध्यक्ष केके तिवारी शहीद के पिता को अलग बुलाकर बातचीत करने लगे। परिजनों ने कहा कि प्रशासन बार-बार उन पर लखनऊ चलने का दबाव बना रहा है। इस पर भाजपा के महामंत्री को गुस्सा आया। वह अपनी कुर्सी से उठकर तहसीलदार तथा नखासा की ओर बढ़े और तीखे तेवर के थानाध्यक्ष से पूछा कि जब परिवार लखनऊ नहीं जाना चाहता है तो आप दबाव क्यों बनाना चाहते हैं। शहीदों के घर सरकार जाती है वे कहीं नहीं जाते।
इस पर नखासा के थानाध्यक्ष ने कि कहा कि वह सीएम का संदेश लेकर आए हैं। तहसीलदार चुप रहे। यह घटनाक्रम शाम पांच बजे का है। भाजपा के महामंत्री शाम छह बजे तक गांव में रहे। तहसीलदार अरविंद तिवारी ने कहा कि उनकी ओर किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया। शासन की ओर से संदेश मिला था वह शहीद के परिजनों को बताया गया है। अगर शहीद परिवार लखनऊ नहीं जाना चाहता है तो इसे अधिकारियों को अवगत कराएंगे।