{"_id":"57ceab414f1c1b363931730b","slug":"markandey-katju-criticize-mother-teresa","type":"story","status":"publish","title_hn":"काटजू ने मदर टेरेसा को बताया फ्रॉड, सोशल मीडिया पर हुई खिंचाई","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
काटजू ने मदर टेरेसा को बताया फ्रॉड, सोशल मीडिया पर हुई खिंचाई
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Sep 2016 05:13 PM IST
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मार्कन्डेय काटजू की फेसबुक पोस्ट
- फोटो : facebook
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कन्डेय काटजू एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार भी सुर्खियों की वजह उनकी फेसबुक पोस्ट ही है जो उन्होंने मदर टेरेसा को रविवार को रोमन कैथोलिक संत घोषित किए जाने के बाद लिखी है। काटजू ने अपनी पोस्ट में मदर टेरेसा और उनकी संस्था पर कई गंभीर आरोप लगाए और उन्हें मिलनी वाली वित्तीय मदद पर भी कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई उन्हें भी 10 मिलियन डॉलर दे तो वो भी गरीबों-बेघरों की सेवा करने लगेंगे।
काटजू ने अपनी पोस्ट की शुरूआत नें कहा, मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि मदर टेरेसा को लेकर इतना हो-हल्ला क्यों मचा है। मेरी राय में वह एक प्रतिक्रियावादी अर्द्ध शिक्षित कट्टरपंथी और फ्रॉड थीं। कई खातों और जांच रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए काटजू ने कहा कि मदर टेरेसा की संस्था मिशनरी ऑफ चैरिटी ने कई संदेहास्पद स्त्रोंतों से दान में पैसे लिए थे।
काटजू ने आगे लिखा कि ...मदर टेरेसा ने स्वयं यह बात कही थी कि उन्होंने 100 से ज्यादा देशों में तकरीबन 500 कॉन्वेंट खोले। जो आज उनके नाम से जाने जाते हैं, क्या यही शराफत और विनम्रता है।काटजू ने अपनी पोस्ट में कई लेखकों और आलोचकों और जांच रिपोर्ट का हवाला दिया है।
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पढ़ें मार्कन्डेय काटजू की पूरी पोस्ट
काटजू ने अपनी पोस्ट की शुरूआत नें कहा, मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि मदर टेरेसा को लेकर इतना हो-हल्ला क्यों मचा है। मेरी राय में वह एक प्रतिक्रियावादी अर्द्ध शिक्षित कट्टरपंथी और फ्रॉड थीं। कई खातों और जांच रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए काटजू ने कहा कि मदर टेरेसा की संस्था मिशनरी ऑफ चैरिटी ने कई संदेहास्पद स्त्रोंतों से दान में पैसे लिए थे।
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काटजू ने आगे लिखा कि ...मदर टेरेसा ने स्वयं यह बात कही थी कि उन्होंने 100 से ज्यादा देशों में तकरीबन 500 कॉन्वेंट खोले। जो आज उनके नाम से जाने जाते हैं, क्या यही शराफत और विनम्रता है।काटजू ने अपनी पोस्ट में कई लेखकों और आलोचकों और जांच रिपोर्ट का हवाला दिया है।
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