{"_id":"6a1153f31911657f1a03fa78","slug":"marco-rubio-venezuela-president-india-visit-john-brittas-on-pm-modi-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"'कल को रुबियो तय करेंगे PM मोदी का मंत्रिमंडल': सांसद ब्रिटास ने केंद्र को घेरा, कहा- अब US तय कर रहा शर्तें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'कल को रुबियो तय करेंगे PM मोदी का मंत्रिमंडल': सांसद ब्रिटास ने केंद्र को घेरा, कहा- अब US तय कर रहा शर्तें
Sat, 23 May 2026 12:45 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 23 May 2026 12:45 PM IST
सार
अमेरिकी विदेश मंत्री के एक बयान ने भारत के भीतर कूटनीतिक स्वायत्तता की बहस को हवा दे दी है। विपक्ष का दावा है कि देश की विदेश नीति में किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप भारत की 140 करोड़ जनता की संप्रभुता और वैश्विक साख पर सीधा प्रहार है। क्या है पूरा मामला? जानिए...
विज्ञापन
जॉन ब्रिटास, राज्यसभा सांसद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति की प्रस्तावित भारत यात्रा की घोषणा किए जाने के बाद देश में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के बाद अब माकपा के सांसद जॉन ब्रिटास ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। सांसद जॉन ब्रिटास ने केंद्र सरकार पर संप्रभुता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए बेहद तीखा तंज कसा है।
राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने कहा कि मुझे इसमें कोई हैरानी नहीं हुई है। कल को मार्को रुबियो या डोनाल्ड ट्रंप यह तय करेंगे और घोषणा करेंगे कि इस सरकार में कैबिनेट मंत्री कौन होगा। कल को अगर कैबिनेट का विस्तार या फेरबदल होना होगा, तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए अगर मार्को रुबियो पहले ही इसकी लिस्ट जारी कर दें। यह इस देश की दुखद स्थिति है।
ब्रिटास ने देश की कूटनीतिक आजादी पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, 'हमें किससे मिलना चाहिए? किस देश के राष्ट्रप्रमुख का स्वागत करना चाहिए? अब अमेरिका हमारे लिए ये शर्तें तय कर रहा है। 140 करोड़ लोगों के इस संप्रभु और लोकतांत्रिक देश ने इतिहास में किसी भी सरकार के दौरान ऐसा खराब बर्ताव कभी नहीं देखा था।'
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने भारत दौरे से पहले मियामी में पत्रकारों से बात करते हुए एक बयान दिया। उन्होंने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज तेल और ऊर्जा संबंधों पर चर्चा के लिए भारत का दौरा करने वाली हैं।
विपक्ष का मुख्य ऐतराज इस बात पर है कि भारत और वेनेजुएला के बीच होने वाले द्विपक्षीय दौरे की आधिकारिक घोषणा भारत सरकार या वेनेजुएला की तरफ से होने के बजाय किसी तीसरे देश के विदेश मंत्री की ओर से क्यों की गई?
यह भी पढ़ें: Marco Rubio India Visit LIVE : विदेश मंत्री मार्को रुबियो दिल्ली के लिए हुए रवाना, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
विपक्ष के नाराज होने के 3 मुख्य कारण
राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन: कूटनीति के मुताबिक, किसी भी विदेशी नेता के दौरे की घोषणा मेजबान देश या खुद वह देश करता है। विपक्ष का आरोप है कि अमेरिका ने इस प्रोटोकॉल को बाईपास किया है।
पुरानी घटना का हवाला: विपक्षी नेताओं ने इसकी तुलना मई 2025 की एक पुरानी घटना से की है, जब अमेरिकूी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सरकार से पहले ऑपरेशन सिंदूर के रुकने की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी।
ऊर्जा नीति में दखल की आशंका: वेनेजुएला में अमेरिकी दखल के बाद बनी नई व्यवस्था के बीच, विपक्ष का मानना है कि अमेरिका भारत की ऊर्जा और तेल प्राथमिकताओं को प्रभावित करने या निर्देशित करने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन
राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने कहा कि मुझे इसमें कोई हैरानी नहीं हुई है। कल को मार्को रुबियो या डोनाल्ड ट्रंप यह तय करेंगे और घोषणा करेंगे कि इस सरकार में कैबिनेट मंत्री कौन होगा। कल को अगर कैबिनेट का विस्तार या फेरबदल होना होगा, तो आपको आश्चर्य नहीं होना चाहिए अगर मार्को रुबियो पहले ही इसकी लिस्ट जारी कर दें। यह इस देश की दुखद स्थिति है।
विज्ञापन
ब्रिटास ने देश की कूटनीतिक आजादी पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, 'हमें किससे मिलना चाहिए? किस देश के राष्ट्रप्रमुख का स्वागत करना चाहिए? अब अमेरिका हमारे लिए ये शर्तें तय कर रहा है। 140 करोड़ लोगों के इस संप्रभु और लोकतांत्रिक देश ने इतिहास में किसी भी सरकार के दौरान ऐसा खराब बर्ताव कभी नहीं देखा था।'
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने भारत दौरे से पहले मियामी में पत्रकारों से बात करते हुए एक बयान दिया। उन्होंने घोषणा की कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज तेल और ऊर्जा संबंधों पर चर्चा के लिए भारत का दौरा करने वाली हैं।
विपक्ष का मुख्य ऐतराज इस बात पर है कि भारत और वेनेजुएला के बीच होने वाले द्विपक्षीय दौरे की आधिकारिक घोषणा भारत सरकार या वेनेजुएला की तरफ से होने के बजाय किसी तीसरे देश के विदेश मंत्री की ओर से क्यों की गई?
यह भी पढ़ें: Marco Rubio India Visit LIVE : विदेश मंत्री मार्को रुबियो दिल्ली के लिए हुए रवाना, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
विपक्ष के नाराज होने के 3 मुख्य कारण
राजनयिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन: कूटनीति के मुताबिक, किसी भी विदेशी नेता के दौरे की घोषणा मेजबान देश या खुद वह देश करता है। विपक्ष का आरोप है कि अमेरिका ने इस प्रोटोकॉल को बाईपास किया है।
पुरानी घटना का हवाला: विपक्षी नेताओं ने इसकी तुलना मई 2025 की एक पुरानी घटना से की है, जब अमेरिकूी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सरकार से पहले ऑपरेशन सिंदूर के रुकने की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी।
ऊर्जा नीति में दखल की आशंका: वेनेजुएला में अमेरिकी दखल के बाद बनी नई व्यवस्था के बीच, विपक्ष का मानना है कि अमेरिका भारत की ऊर्जा और तेल प्राथमिकताओं को प्रभावित करने या निर्देशित करने की कोशिश कर रहा है।