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यौन शोषण से परेशान होकर खूंखार माओवादी पति-पत्नी कमांडर ने किया सरेंडर
Sat, 27 Apr 2019 11:17 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 27 Apr 2019 11:17 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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यौन शोषण से परेशान होकर माओवादी दंपती ने महाराष्ट्र पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वाले खूंखार पति-पत्नी महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल थे। दोनों नक्सलियों की पहचान 30 वर्षीय दीपक उर्फ मंगरू सुकलू बेगामी और 28 वर्षीय मोती उर्फ राधा झुरु के रूप में की गई है।
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महाराष्ट्र में गढ़चिरौली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद माओवादी दंपती ने खुलासा किया कि वरिष्ठ माओवादी नेता महिलाओं का यौन शोषण करते थे। इसी शोषण से परेशान होकर दोनों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दीपक उर्फ मंगरू सुकलू बेगामी ने साल 2001 में माओवादियों के दल में एंट्री की। और वो 2012 से लगातार कंपनी 5 में दलम का डिविजनल कमांडर रहा।
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पुलिस को 17 मुठभेड़ों, 12 हत्याओं और 3 माइन ब्लास्ट के मामलों में बेगामी की तलाश थी। महाराष्ट्र सरकार ने उसके सिर पर 9.25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। बेगामी की पत्नी मोती उर्फ राधा झुरू ने साल 2004 में माओवादियों के भामरागढ़ दलम में सदस्यता ली थी। राधा ने 2017 में नॉर्थ बस्तर कंपनी 10 के डिवीजनल कमांडर का पदभार संभाला।
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पुलिस को मोती उर्फ राधा की सुरक्षा बलों के साथ 15 मुठभेड़ों और 2 हत्याओं के मामले में तलाश थी। आत्मसमर्पण के बाद इस दंपती ने नाबालिग लड़कियों का अपहरण और शोषण की दास्तां सुनाई। उन्होंने पुलिस को ये भी बताया कि किस तरह उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था