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मंडाविया बोले: पड़ोसी देशों के पोलियो मुक्त होने तक सतर्कता जरूरी, घर-घर दवा पिलाने पर दिया जोर
Sat, 26 Feb 2022 08:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 26 Feb 2022 08:34 PM IST
सार
स्वास्थ्य मंत्रालय में वर्ष 2022 के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने बताया कि अगले कुछ महीने में देश के पांच साल से कम उम्र के 15 करोड़ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
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मनसुख मंडाविया
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया का कहना है कि पड़ोसी देश अब तक पोलियो मुक्त नहीं हो पाए हैं। इसलिए भारत को भी सतर्क रहने और अपना वैक्सीनेशन कार्यक्रम जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी के भी न छूटने को सुनिश्चित करने के लिए घर-घर दवा पिलाने का अभियान चलाया जाएगा।
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स्वास्थ्य मंत्रालय में वर्ष 2022 के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने बताया कि अगले कुछ महीने में देश के पांच साल से कम उम्र के 15 करोड़ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। देश में पोलियो के खिलाफ रणनीतिक लड़ाई कामयाब रही है। हमें सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि पांच साल से कम के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाए।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे देश के बच्चों को अन्य बीमारियों से भी बचाने के लिए न्यूमोकल कोंज्यूगेट, रोटावायरस और खसरा-रुबेला वैक्सीन दी जा रही हैं।
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वहीं, एक अन्य कार्यक्रम में मंडाविया ने कहा कि भारत 'पूर्ण स्वास्थ्य और एक स्वास्थ्य' के क्रियान्वयन की ओर मजबूती से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के बजट पर वेबिनार में अपने संबोधन में कहा कि टेलीमेडिसिन और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में एक अग्रणी देश है जहां 17 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य ‘आईडी’ हैं जो विश्व में सबसे अधिक है।
मंत्री ने कहा कि दूरस्थ माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श (टेलीकंसल्टेशन) एक क्रांति है और इससे दूरदराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। समग्र स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से विभिन्न स्वास्थ्य मंचों के एकीकरण को दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी केंद्रित, एकीकृत और समग्र नीतियों के तहत 'पूर्ण स्वास्थ्य और एक स्वास्थ्य' के क्रियान्वयन की ओर मजबूती से अग्रसर है।