मुझे मौन कहा गया लेकिन मैं ऐसा प्रधानमंत्री नहीं था जो मीडिया से बात करने में घबराता हो
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया है। उन्होंने पीएम मोदी पर मीडिया से बात न करने के आरोप लगाए। इसमें उन्होंने अपनी मौन छवि का भी सहारा लिया। मनमोहन सिंह ने कहा, 'लोग कहते हैं मैं मौन प्रधानमंत्री था। मैं समझता हूं कि मेरी किताब 'चेंजिंग इंडिया' इस बारे में खुद ही बोलेगी। मैं ऐसा प्रधानमंत्री नहीं था जो प्रेस से बात करने में घबराता हो। मैं लगातार प्रेस से मिलता रहता था और हर विदेश यात्रा के बाद प्रेस कांफ्रेंस करता था।'
इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री ने राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में किसानों का कर्ज माफ किए जाने पर कहा कि हमें इस निर्णय का सम्मान करना चाहिए, यह चुनावी घोषणापत्र का एक भाग है जिसे पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। इसीलिए मुख्यमंत्रियों ने ऐसी घोषणा की।
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक व सरकार के बीच संबंधों को लेकर सिंह ने कहा कि मजबूत व स्वतंत्र भारतीय रिजर्व बैंक को केंद्र सरकार के सहयोग से कार्य करने हैं। इसलिए मैं इस बात की उम्मीद करता हूं कि रिजर्व बैंक व भारत सरकार शांति व सामंजस्य के साथ कार्य करने का तरीका ढूंढ लेंगे।
एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ही नहीं एक्सीडेंटल फाइनेंस मिनिस्टर भी
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अलग ही अंदाज में नजर आए। आम तौर पर शांत रहने वाले सिंह ने खुद को लेकर बेबाकी से बातचीत की। पूर्व प्रधानमंत्री ने पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में खुद को वित्त मंत्री नियुक्त किए जाने की घटवा को उल्लेखित करते हुए कहा, 'लोग मुझे एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर कहते हैं, मैं एक्सीडेंटल फाइनेंस मिनिस्टर भी था।'
#WATCH: Former PM Dr Manmohan Singh speaks of the time he was appointed as the Finance Minister in the govt led by PV Narasimha Rao, says "People say I was accidental Prime Minister, I was also accidental Finance Minister". pic.twitter.com/HVJyOoAZEa
— ANI (@ANI) December 18, 2018