ये रहे प्रधानमंत्री मोदी से मनमोहन सिंह के द्वारा पूछे गए 6 अहम सवाल
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में नोटबंदी को कानूनन चलाई जा रही व्यवस्थित लूट की संज्ञा दी है। संसद में कई दिनों तक नोटबंदी के मामले में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हुई हंगामें के बाद राजयसभा में नोटबंदी पर बहस शुरू हुई है।
गर्मागर्म बहस के बीच खिलखिला उठे मोदी
मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में ये 6 अहम बातें कहीं-
1. मैं नोटों को रद्द किए जाने के उद्देश्यों से असहमत नहीं हूं, लेकिन इसे ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया।
2. पीएम बताएं ऐसा कौन सा देश है जहाँ लोग बैंक में पैसा जमा करा सकते हैं लेकिन अपना पैसा निकाल नहीं सकते हैं।
3. लॉन्ग रन या लंबे समय में असर की बात हो तो उस अर्थशास्त्री की बात याद करें - दीर्घकाल में तो हम सब मर चुके होंगे।
4. असर क्या होगा मुझे नहीं पता। इससे लोगों का बैंकों में विश्वास खत्म होगा। जीडीपी में 2 पर्सेंट की गिरावट आ सकती है।
'प्रधानमंत्री, अहंकार हमेशा अंधकार की ओर ले जाता है'
5. इससे छोटे उद्योगों और कृषि को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
6. बैंक हर दिन नियम बदल रहे हैं जिससे लगता है कि पीएमओ और रिजर्व बैंक ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
मनमोहन सिंह के बाद राज्यसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री, अहंकार हमेशा अंधकार की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था तो उन्हें भी लगता था जनता इस फैसले से खुश है लेकिन चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी को भी ऐसा ही लगता है कि लोग खुश हैं पर आनेवाले चुनाव में उन्हें पता चल जाएगा।
बहुजन समाजवादी पार्टी चीफ मायावती ने भी कहा कि उनकी पार्टी नोटों को रद्द करने के खिलाफ नहीं है लेकिन इसे लागू करने का तरीका सही नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मायावती ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह सदन में मौजूद रहें।