विवाद : मनीष तिवारी ने तेजपाल को बताया 'सम्मानपूर्वक दोषमुक्त' तो भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, जानिए कैसे हुई नोंकझोंक
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी व शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के बीच तहलका पत्रिका के संस्थापक संपादक व दुष्कर्म के आरोप में हाल ही में दोषमुक्त हुए तरुण तेजपाल को लेकर ट्वीटर पर बहस छिड़ गई।
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विवाद की शुरुआत तिवारी के एक ट्वीट से हुई, जिसमें तेजपाल की प्रशंसा करते उन्होंने लिखा 'मेरे कॉलेज के वरिष्ठ ने बहुत बदनाम, राजनीतिक रूप से बेहद उत्पीड़ित और अब सम्मानजनक रूप से दोषमुक्त, प्रतिभाशाली और दयालु तरुण तेजपाल ने अपनी नई पुस्तक एनिमल फार्म का यह टीज़र लिखा है। वेलकम बैक मित्र।
My college Senior the much maligned, hugely politically persecuted &now honourably exonerated the brilliant & mercurial Tarun Tejpal has written this teaser of his new book Animal Farm
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Tarun at his evocative & provocative best
Welcome back friend
Do Read👇🏾https://t.co/VMaxcn8YlB— Manish Tewari (@ManishTewari) September 3, 2021
प्रियंका चतुर्वेदी ने किया तंज
तिवारी के ट्वीट पर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज भरा ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि आज मुझे पता चला कि तरुण तेजपाल सम्मानजनक ढंग से बरी हुए और राजनीतिक रूप से सताए हुए हैं। एक महिला के यौन शोषण को बकवास बताने के उनके नजरिए से उनकी बीमार मानसिकता का पता चलता है। वे चाहते हैं कि महिलाओं के साथ चाहे जैसा व्यवहार करें और गंभीर अपराध पर हंसे। यह शर्मनाक है।
Today I got to know that Tarun Tejpal was ‘honorably exonerated’ and ‘politically persecuted’. To rubbish a woman’s sexual assault by this cosy club, smacks of their sick mindset. They believe they can behave as they wish around women and laugh off the serious crime. Shameful.
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) September 3, 2021
इसके बाद तिवारी ने चतुर्वेदी पर जवाबी हमला करते हुए लिखा कि उनकी तरह वह भी एक वकील हैं और उन्हें वह कोर्ट का फैसला पढ़ना और उसका आदर करना जानते हैं। तरुण तेजपाल पर मुकदमा चला और वह निर्दोष पाए गए हैं। यह सचाई है। गोवा सरकार हाईकोर्ट गई है। यदि आपको भी समस्या है तो आप भी मुंबई व गोवा हाईकोर्ट जाइये और अपनी बात कहिए।
इसके बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने फिर जवाब दिया कि एक वकील होने और एक निर्णय पढ़ने की क्षमता आपका कद नहीं बढ़ाती। यह एक स्वतंत्र मंच है मुझे राय प्रकट करने का उतना ही अधिकार है जितना आपको एक कथित दुष्कर्मी की पीठ थपथपाने।
इसके बाद चतुर्वेदी की आलोचना करते हुए तिवारी ने फिर ट्वीट कर कहा कि कृपया मानहानि और मानहानि की सीमा को पार न करें। मुझे एक साथी सांसद और पूर्व सहयोगी को अदालत में ले जाने पर दुख होगा।
बता दें, तरुण तेजपाल को एक महिला सहयोगी के खिलाफ यौन हमले के मामले में गोवा की सत्र अदालत ने 21 मई को बरी कर दिया है। इसके आदेश के खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की है। यौन हमले की कथित घटना 7 नवंबर 2013 को गोवा की एक होटल में हुई थी। इन आरोपों में उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था।