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मणिपुर: सैकड़ों महिलाओं ने निकाली विरोध रैली, NRC लागू करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुक्त आवाजाही की मांग
Sun, 19 Apr 2026 11:40 PM IST
Nirmal Kant
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल।
Published by: Nirmal Kant
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:40 PM IST
सार
मणिपुर के इंफाल पूर्व में महिलाओं ने बड़ा विरोध मार्च निकाला, जिसमें उन्होंने एनआरसी लागू करने, राजमार्गों पर सुरक्षित आवाजाही, कथित नार्को-आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाई और विस्थापित लोगों के पुनर्वास को रोकने जैसी मांगें उठाईं। पढ़िए रिपोर्ट-
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विरोध प्रदर्शन रैली
- फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में 'कोइरेंगई आवांग अपुंबा मीरा पैबी' के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला गया। सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतरीं। उन्होंने अपनी कई मांगों को लेकर आवाज उठाई।
विरोध प्रदर्शन करने वालों की क्या मांगें हैं?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आगामी जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करना, राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करना, कथित नार्को-आतंकी गतिविधियों पर सैन्य कार्रवाई करना और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास को तुरंत रोकना शामिल था। कोइरेंगई आवांग अपुंबा मीरा पैबी एक स्थानीय महिला संगठन है।
ये भी पढ़ें: 'किसी को छेड़ते नहीं, कोई छेड़े तो छोड़ते नहीं', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
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उन्होंने कथित छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि ड्रग्स और आतंक से जुड़े समूह (नार्को-आतंकी) राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो नहीं होना चाहिए। इसलिए वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे और कानून-व्यवस्था ठीक हो सके।
मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (कोकोमी) के प्रवक्ता नहाकपम शांता ने कहा, यह विरोध प्रदर्शन सेक्माई के अलग-अलग इलाकों से शुरू हुआ, जिसमें केइकोल से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अब यह कोइरेंगई तक फैल गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन कोकोमी और अन्य संगठनों की ओर से घोषित विभिन्न आंदोलनों का हिस्सा है।
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विरोध प्रदर्शन करने वालों की क्या मांगें हैं?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आगामी जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करना, राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करना, कथित नार्को-आतंकी गतिविधियों पर सैन्य कार्रवाई करना और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास को तुरंत रोकना शामिल था। कोइरेंगई आवांग अपुंबा मीरा पैबी एक स्थानीय महिला संगठन है।
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उन्होंने कथित छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि ड्रग्स और आतंक से जुड़े समूह (नार्को-आतंकी) राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो नहीं होना चाहिए। इसलिए वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे और कानून-व्यवस्था ठीक हो सके।
#WATCH | Imphal East, Manipur: A massive protest rally was organised by the Koirengei Awang Apunba Meira Paibi, with hundreds of women taking to the streets to press for a series of demands. The key demands raised during the protest included the implementation of the National… pic.twitter.com/prvRXJ4zgH
— ANI (@ANI) April 19, 2026
मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (कोकोमी) के प्रवक्ता नहाकपम शांता ने कहा, यह विरोध प्रदर्शन सेक्माई के अलग-अलग इलाकों से शुरू हुआ, जिसमें केइकोल से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अब यह कोइरेंगई तक फैल गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन कोकोमी और अन्य संगठनों की ओर से घोषित विभिन्न आंदोलनों का हिस्सा है।