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Manipur: मणिपुर में जलते हुए व्यक्ति का वीडियो वायरल; सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
Mon, 09 Oct 2023 11:26 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 09 Oct 2023 11:26 PM IST
सार
मणिपुर हिंसा के कई महीने बाद एक बार फिर वायरल वीडियो का मामला सामने आया है। जलते हुए शख्स की वीडियो के मामले में मणिपुर सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। मामले को निर्वस्त्र घुमाई गई महिलाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
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मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्वोत्तर भारतीय राज्य- मणिपुर में हुई हिंसा और महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की शर्मनाक घटना लंबे समय तक सुर्खियों में रही। एक बार फिर मणिपुर चर्चा में है। दरअसल, मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की सरकार ने एक वायरल वीडियो में मामले सीबीआई जांच की सिफारिश की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शख्स को कथित तौर पर जलाते हुए दिखाया गया है।
सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने इस मामले में क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि में स्थानीय भाषा में बोल रहे लोगों की आवाजें और गोलियों की आवाज सुनी जा सकती है। इस मामले में सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा, 'हमने घटना की पुष्टि की है। पता चला है कि वारदात चार मई की है। शव की पहचान कर ली गई है और उसे अस्पताल में रखवाया गया है।
सीबीआई जांच की सिफारिश
सिंह ने बताया कि मृतक मणिपुर के ही कांगपोकपी जिले के एक गांव का निवासी है। घटनास्थल के बारे में कोई विवरण साझा करने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने सिफारिश की है कि मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा के कई मामलों की जांच सीबीआई ही कर रही है।
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सरकार ने सीबीआई जांच के बारे में क्या कहा?
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम बीरेन सिंह की सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद कहा, ये मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके मणिपुर की सड़कों पर घुमाया गया था।
दो महिलाओं के साथ बर्बरता
वायरल वीडियो सामने आने के बाद एक आदिवासी संगठन ने इस घटना की निंदा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जलते हुए शख्स का वीडियो चार मई का है। इसी दिन भीड़ ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया था। महिलाओं के साथ हुई इस बर्बर घटना की वीडियो जुलाई में सामने आने के बाद देश भर में आक्रोश फैल गया था।
हथियारबंद लोगों के साथ छात्र
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स (घटना के समय ट्विटर) पर जुलाई से लापता दो मणिपुरी छात्रों के शवों की तस्वीरें वायरल हो गई हैं। ये तस्वीरें उनकी हत्या और बाद के कुछ क्षणों को दिखाती हैं।
तस्वीरों में से एक में दो छात्रों को दो हथियारबंद लोगों के साथ दिखाया गया है। दूसरी तस्वीर में दो शव हैं। छात्रों की पहचान 17 वर्षीय हिजाम लिनथोइनगांबी और 20 वर्षीय फिजाम हेमजीत के रूप में की गई है।
लापता छात्रों का सुराग नहीं, फोन बंद
मणिपुर में दो कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के कुछ दिनों बाद वायरल तस्वीरों के बारे में खास जानकारी नहीं मिल सकी है। बता दें कि घटना का वीडियो 19 जुलाई को सामने आया। मणिपुर पुलिस ने पहले कहा था कि दो लापता छात्रों का पता नहीं चल पाया है और उनके मोबाइल फोन बंद पाए गए।
अप्रिय घटनाओं को रोकने के उपाय
पुलिस के अनुसार पीड़ितों के हैंडसेट की आखिरी लोकेशन चुराचांदपुर जिले में शीतकालीन फूल पर्यटन स्थल के पास लमदान में पाई गई। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है और छात्रों की तस्वीरें वायरल होने के बाद किसी भी घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं।
अलग प्रशासन की मांग कर रहा आईटीएलएफ
सरकार और पुलिस ने कहा है कि जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार पाए गए किसी भी अपराधी को कड़ी सजा मिलेगी। चुराचांदपुर के जनजाति समूह 'इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम' (आईटीएलएफ) ने भी शव जलाने की घटना' की निंदा की। आईटीएलएफ ने कहा, एक अलग प्रशासन की हमारी मांग और मजबूत हुई है। आईटीएलएफ अपनी मांग दोहराता है।'
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सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने इस मामले में क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो की पृष्ठभूमि में स्थानीय भाषा में बोल रहे लोगों की आवाजें और गोलियों की आवाज सुनी जा सकती है। इस मामले में सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा, 'हमने घटना की पुष्टि की है। पता चला है कि वारदात चार मई की है। शव की पहचान कर ली गई है और उसे अस्पताल में रखवाया गया है।
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सीबीआई जांच की सिफारिश
सिंह ने बताया कि मृतक मणिपुर के ही कांगपोकपी जिले के एक गांव का निवासी है। घटनास्थल के बारे में कोई विवरण साझा करने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने सिफारिश की है कि मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए। बता दें कि पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा के कई मामलों की जांच सीबीआई ही कर रही है।
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सरकार ने सीबीआई जांच के बारे में क्या कहा?
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम बीरेन सिंह की सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद कहा, ये मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके मणिपुर की सड़कों पर घुमाया गया था।
दो महिलाओं के साथ बर्बरता
वायरल वीडियो सामने आने के बाद एक आदिवासी संगठन ने इस घटना की निंदा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जलते हुए शख्स का वीडियो चार मई का है। इसी दिन भीड़ ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया था। महिलाओं के साथ हुई इस बर्बर घटना की वीडियो जुलाई में सामने आने के बाद देश भर में आक्रोश फैल गया था।
हथियारबंद लोगों के साथ छात्र
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स (घटना के समय ट्विटर) पर जुलाई से लापता दो मणिपुरी छात्रों के शवों की तस्वीरें वायरल हो गई हैं। ये तस्वीरें उनकी हत्या और बाद के कुछ क्षणों को दिखाती हैं।
तस्वीरों में से एक में दो छात्रों को दो हथियारबंद लोगों के साथ दिखाया गया है। दूसरी तस्वीर में दो शव हैं। छात्रों की पहचान 17 वर्षीय हिजाम लिनथोइनगांबी और 20 वर्षीय फिजाम हेमजीत के रूप में की गई है।
लापता छात्रों का सुराग नहीं, फोन बंद
मणिपुर में दो कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के कुछ दिनों बाद वायरल तस्वीरों के बारे में खास जानकारी नहीं मिल सकी है। बता दें कि घटना का वीडियो 19 जुलाई को सामने आया। मणिपुर पुलिस ने पहले कहा था कि दो लापता छात्रों का पता नहीं चल पाया है और उनके मोबाइल फोन बंद पाए गए।
अप्रिय घटनाओं को रोकने के उपाय
पुलिस के अनुसार पीड़ितों के हैंडसेट की आखिरी लोकेशन चुराचांदपुर जिले में शीतकालीन फूल पर्यटन स्थल के पास लमदान में पाई गई। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है और छात्रों की तस्वीरें वायरल होने के बाद किसी भी घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं।
अलग प्रशासन की मांग कर रहा आईटीएलएफ
सरकार और पुलिस ने कहा है कि जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार पाए गए किसी भी अपराधी को कड़ी सजा मिलेगी। चुराचांदपुर के जनजाति समूह 'इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम' (आईटीएलएफ) ने भी शव जलाने की घटना' की निंदा की। आईटीएलएफ ने कहा, एक अलग प्रशासन की हमारी मांग और मजबूत हुई है। आईटीएलएफ अपनी मांग दोहराता है।'