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Manipur: शाह ने मैतेई नेताओं से कुकी समुदाय के साथ शांति वार्ता के लिए प्रोत्साहित किया, कोकोमी का दावा

Sat, 26 Aug 2023 03:31 AM IST
गुलाम अहमद पीटीआई, इंफाल
पीटीआई, इंफाल Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 26 Aug 2023 03:31 AM IST
सार

मणिपुर की अखंडता पर समन्वय समिति (कोकोमी) के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

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Manipur violence Amit Shah encouraged COCOMI to hold peace talks with Kuki community leaders
Amit Shah - फोटो : Social Media

विस्तार

मणिपुर की अखंडता पर समन्वय समिति (कोकोमी) ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में कोकोमी के पदाधिकारियों को कुकी समुदाय के साथ शांति वार्ता शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। मैतेई समुदाय के संगठन कोकोमी ने कहा कि उसके प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में शाह से मुलाकात की और लगभग चार महीने से जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। कोकोमी ने एक बयान में कहा, शाह के आवास पर हुई बैठक के बाद कोकोमी नेताओं ने मंत्री के निर्देशों के अनुसार इंटेलिजेंस ब्यूरो के शीर्ष अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।

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बयान में कहा गया कि समस्या के समाधान और शांति के लिए कोकोमी को जिम्मेदार कुकी नेताओं और समूहों के साथ बातचीत की पहल शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा शाह के साथ बैठक में मणिपुर में घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर बाड़ लगाने, सभी वर्गों तक आवश्यक वस्तुओं की पहुंच और मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने मणिपुर में घुसपैठ के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर जोर दिया। इसके लिए रेटिना स्कैन सहित बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके अप्रवासियों का डाटा तैयार किया रहा है।
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विभाजन का सवाल नहीं, कुकी विधायकों को मिलेगी पूरी सुरक्षा
इससे पहले शुक्रवार को, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि राज्य का विभाजन नहीं होगा। उन्होंने उन सभी दस कुकी विधायकों को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जिन्होंने पहाड़ी जिलों के लिए एक अलग प्रशासन की मांग की है। उल्लेखनीय है कि दस विधायकों ने 16 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंप कर पहाड़ी जिलों के लिए एक अलग मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुख की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि मैतेई समूहों से उनकी जान को खतरा है।
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आरोपी न्यायिक हिरासत में मणिपुर में ही रहेंगे
मणिपुर हिंसा के जिन मामलों की सीबीआई जांच हो रही है उनकी सुनवाई भले ही असम में करने का सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया हो लेकिन मामले के आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत पड़ी तो उन्हें मणिपुर में ही रखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सीबीआई मामलों से संबंधित पीड़ित, गवाह और अन्य अगर ऑनलाइन उपस्थित नहीं होना चाहते हैं तो वे विशेष गुवाहाटी अदालत में प्रत्यक्ष तौर पर उपस्थित हो सकते हैं। पीठ ने मणिपुर सरकार को अदालत में ऑनलाइन मोड के माध्यम से सीबीआई मामलों की सुनवाई की सुविधा के लिए उचित इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने का निर्देश दिया। 

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