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चमत्कार: कोरोना से 109 दिन तक लड़ी जंग, स्वस्थ्य घर लौट कर दिया सबको हैरान
Sat, 21 Aug 2021 06:58 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला रिसर्च डेस्क, चेन्नई।
अमर उजाला रिसर्च डेस्क, चेन्नई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 Aug 2021 06:58 AM IST
सार
- बिना फेफड़ा प्रत्यारोपण के ही रोगी स्वस्थ होकर बृहस्पतिवार को घर लौट गया
- डॉक्टरों हैरान कि बिना फेफड़ा प्रत्यारोपण के जान बचना असंभव था
- मरीज इलाज और अपने साहस के दम पर ठीक हुआ है
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कोरोना मरीज(फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
चेन्नई में एक व्यक्ति ने वायरस से अस्पताल में 109 दिन तक सीधी जंग लड़ी और वायरस को मात दे सबको हैरान कर दिया है। डॉक्टरों तक का कहना है कि बिना फेफड़ा प्रत्यारोपण के जान बचना असंभव था लेकिन ये किसी चमत्कार से कम नहीं है। मरीज इलाज और अपने साहस के दम पर ठीक हुआ है।
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चेन्नई के रेला अस्पताल में कोरोना संक्रमण के बाद 56 वर्षीय एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे एक्मो सपोर्ट पर रखा गया था। एक्मो सपोर्ट व वेंटिलेटर के जरिए रक्त में ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई।
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अस्पताल ने कहा कि रोगी को नौ हफ्ते तक एक्मो सपोर्ट पर रखा गया था और बिना फेफड़ा प्रत्यारोपण के ही रोगी स्वस्थ होकर बृहस्पतिवार को घर लौट गया है। डॉक्टरों का दावा है कि मुदीजा देश के पहले मरीज हैं जो एक्मो सपोर्ट पर रहने के बाद बिना फेफड़ा प्रत्यारोपण के स्वस्थ हुए हैं।
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सीटी स्कैन में गंभीर निमोनिया दिखा
मुदीजा को अप्रैल में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। सीटी स्कैन जांच में पता चला कि उन्हें मध्यम स्तर के कोरोना संक्रमण के साथ निमोनिया की तकलीफ थी। मुदीजा जब अस्पताल पहुंचे थे तब उनका ऑक्सीजन लेवल 92 फीसदी था, लेकिन उनकी हालत समय के साथ खराब होती जा रही थी। सांस की तकलीफ इतनी अधिक हो गई थी कि उन्हें प्रति मिनट दस लीटर ऑक्सीजन की जरूरत हो रही थी।
पांच सप्ताह तक कोई सुधार नहीं
अस्पताल के हृदय और फेफड़ा प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. सी अरूमुगम का कहना है कि मरीज की जान बचाने के लिए एक्मो सपोर्ट पर रखा गया था। हालांकि शुरू के पांच सप्ताह में कोई सुधार नहीं दिखा। बाद में कुछ और दिन तक सपोर्ट पर रखा तो देखा कि उसमें सुधार हो रहा है।
50 दिन बाद फेफड़ों में दिखी हरकत
डॉक्टरों का कहना है कि एक्मो सपोर्ट पर 50 दिन रखने के बाद मरीज के फेफड़ों में हरकत दिखी। इसके बाद एक्मो सपोर्ट के पैरामीटर में धीरे-धीरे बदलाव किए जाने लगे। 62वें दिन मरीज का एक्मो सपोर्ट हटा दिया गया। डॉ. अरूमुगम बताते हैं कि मेरी पूरी टीम ने चमत्कार देखा है। इसके बाद हमने रोगी को सामान्य वेंटिलेटर पर रखा और 29 जुलाई को वह पूरी तरह सामान्य हो गया था।