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कोरोना पर काबू पाने के लिए स्वीडन मॉडल अपनाएगी ममता सरकार
Sun, 31 May 2020 08:02 AM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sun, 31 May 2020 08:02 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : PTI
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पश्चिम बंगाल सरकार कोरोना महामारी पर काबू पाने को धीरे धीरे स्वीडन या ताइवान मॉडल अपना रही है। राज्य में लॉकडाउन में ढील देने की घोषणाओं के बीच एसएसकेएम अस्पताल के जाने माने डॉक्टर दीप्तेंद्र सरकार ने कहा, "देश में लगभग 70 दिनों से लॉकडाउन है। केंद्र और राज्य सरकारें महामारी से निपटने को सभी संसाधन जुटा लिए हैं। अब समय आ गया है कि पाबंदियों में धीरे धीरे छूट दी जाए। मुझे लगता है कि अभी तक दोनों सरकारें पूरी ताकत से जिस मॉडल को अपना रही थीं, वह लॉकडाउन है।"
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सरकार ने कहा, स्वीडन, ताइवान या दक्षिण कोरिया में सरकारों ने लॉकडाउन बढ़ाने के बजाय जांच बढ़ाने और उच्च जोखिम वाली आबादी को अलग करने पर जोर दिया, जिसमें उन्हें सफलता मिली। पहले जांच सुविधाएं न होने की वजह से कड़ा लॉकडाउन लगाया गया था, लेकिन अब देश में प्रतिदिन करीब एक लाख जांच रोजाना हो रही हैं। लिहाजा पश्चिम बंगाल सरकार लॉकडाउन में छूट देकर धीरे धीरे स्वीडन या ताइवान मॉडल अपनाने की ओर बढ़ रही है।
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बंगाल में सात और ने तोड़ा दम
पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण के कारण सात और लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही राज्य में मरने वालों की संख्या 302 हो गई है।
अब स्मार्टवॉच ट्रैकर से होगी कोरोना के लक्षणों की पहचान
कोविड-19 के लक्षणों की अब स्मार्टवॉच ट्रैकर से जल्द पहचान हो सकेगी। आईआईटी मद्रास के इंक्यूबेटिक स्टार्टअप ने इसे तैयार किया है और जून के आखिरी तक यह बाजार में मिलने लगेगा। यह शरीर के तापमान, हार्टबीट और सेचुरेशन के आधार पर अलर्ट जारी करेगा।
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यह स्मार्टवॉच ट्रैकर ब्लूटूथ के माध्यम से हर समय आपके मोबाइल से म्यूस हेल्थ एप के जरिये जुड़ा रहता है। इससे शरीर के तापमान, हृदयगति, सेचुरेनशन की जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर मिल जाएगी। इसकी कीमत 3500 रुपये होगी। यह आरोग्य सेतु एप से भी नोटिफिकेशन ले सकता है। जैसे ही कोई व्यक्ति कंटेनमेंट जोन में प्रवेश करता है तो यह उसे सावधान रहने का अलर्ट भी जारी करेगा। खतरा होने पर ट्रैकर कंपन करेगा और एलईडी लाइट से संकेत देगा।