सरकार ने कहा- रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए खतरा, ममता, ओवैसी बोले- सभी आतंकी नहीं
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केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम देश में घुसे अवैध प्रवासी हैं और इनका निरंतर टिके रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में केंद्र ने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में रहने और बस जाने का मूल अधिकार केवल नागरिकों को हासिल है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में अवैध रूप से रहने वाले रोहिंग्या मुस्लिमों की संख्या 14 हजार से ज्यादा है, जबकि सूत्रों के मुताबिक यह संख्या करीब 40 हजार है। भारत में अवैध रूप से रहने वाले रोहिंग्या मुस्लिम जम्मू, हैदराबाद, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में रह रहे हैं।
सरकार के हलफनामे के बाद राजनीतिक दलों की विभिन्न प्रतिक्रिया सामने आई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी आतंकवादी नहीं हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि केंद्र ने राज्य सरकार से रोहिंग्या शरणार्थियों का डाटा मांगा है।
ममता ने कहा कि अगर कोई आतंकी है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कोई आम व्यक्ति इसका शिकार न हो, इसका ख्याल रखा जाएगा।
वहीं AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अभी तक कोई भी रोहिंग्या किसी आतंकी संगठन से संबंध के आरोप में गिरफ्तार नहीं हुआ है। ओवैसी ने कहा, 'केंद्र सरकार के हलफनामे में कहा गया कि ये बुद्ध पर हमला करेंगे, मगर आज तक तो हुआ नहीं आगे भी नहीं होगा। इन लोगों के तन पर कपड़ा नहीं है, खाने को नहीं है, ये क्या ऐसा करेंगे?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें: राजनाथ
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा है कि यह एक खतरा, अगर ऐसा है तो जम्मू-कश्मीर में ऐसा 2014 के बाद ही हुआ होगा। पहले तो यूनिफाइड हेडक्वार्टर मीटिंग में इस तरह की कोई इंटेलिजेंस रिपोर्ट सामने नहीं आई।
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गैरकानूनी तरीके से भारत आए म्यामांर के रोहिंग्या समुदाय के लोगों को वापस भेजने के मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख दिया है और अब इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है। एक कार्यक्रम में शिरकत के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या मामले में हलफनामा पेश कर दिया है। इसमें सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि अब हमें उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर इंटनेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन अफवाह फैला रहा है। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या को लेकर वे भारत को बदनाम ना करें । रिजिजू ने कहा कि देश को खतरे में डालकर किसी को पनाह नहीं दी जा सकती है। वे अपील करते हैं कि भारत के बारे में अफवाह फैलानी बंद करें।
वरिष्ठ लेखिका तसलीमा नसरीन ने रोहिंग्या मुसलमानों के बिगड़े हालातों पर नाराजगी जाहिर की है। तसलीमा ने वोट बैंक की राजनीति पर हमला बोलते हुए कहा कि इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं है, लेकिन वोटों के लिए है।