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BJP: 'जनाधार खिसकता देख ममता हताश; फैसला INDIA की मौत की घंटी'; 'एकला चलो..' एलान पर भाजपा का तंज
Wed, 24 Jan 2024 02:00 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 24 Jan 2024 02:00 PM IST
सार
ममता बनर्जी के अकेले चुनाव लड़ने के एलान के बाद भाजपा ने कहा है कि यह घोषणा उनकी हताशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जमीन बरकरार रखने में असमर्थ हैं।
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ममता बनर्जी और अमित मालवीय
- फोटो : social media
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विस्तार
लोकसभा चुनाव-2024 से जुड़ी बड़ी सियासी घटना सामने आई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि उनकी पार्टी- तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस के साथ संवादहीनता जैसे हालात पैदा होने की बात कही और साफ किया कि पश्चिम बंगाल में वे भाजपा को अकेले हराने में सक्षम हैं। उन्होंने राहुल गांधी की अगुवाई में हो रही कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है।
ममता ने INDIA से बाहर होने की पुष्टि नहीं की; भाजपा ने साधा निशाना
'एकला चलो' की नीति अपनाने का एलान करते हुए ममता ने बुधवार को 28 विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA में अपनी भूमिका पर जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस और वाम दलों के साथ आम सहमति न बनने पर कहा, उन्हें देश में क्या होगा, इस बात की कोई चिंता नहीं है। ममता ने दोहराया कि तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। यह भी दिलचस्प है कि टीएमसी को धर्मनिरपेक्ष दल बताते हुए ममता ने अकेले लड़ने के फैसले के बावजूद खुद को विपक्षी गठबंधन- INDIA से बाहर नहीं माना है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर बंगाल में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि ममता का फैसला हताशा साबित करता है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी और पर भी निशाना साधा है।
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पश्चिम बंगाल में अकेले लड़ाई, हताशा के संकेत
सीएम ममता के फैसले के बाद भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने कहा, पश्चिम बंगाल में अकेले लड़ने का ममता बनर्जी का फैसला हताशा का संकेत है। अपनी राजनीतिक जमीन बरकरार रखने में असमर्थ, ममता बनर्जी की पार्टी- तृणमूल कांग्रेस सभी सीटों पर लड़ना चाहती है। टीएमसी को इस बात की उम्मीद है कि चुनाव के बाद भी ममता प्रासंगिक बनी रह सकती हैं।
तुष्टीकरण की राजनीति की दुर्गंध
मालवीय ने कहा कि ममता विपक्षी गठबंधन के चेहरे के रूप में उभरने की चाह रखती हैं, लेकिन किसी ने भी उनके नाम का प्रस्ताव नहीं रखा। राष्ट्रीय प्रोफाइल बनाने की कवायद के तहत उनके दिल्ली दौरे काम नहीं आए। मालवीय ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा से बचने में भी नाकाम रहीं। तुष्टीकरण की राजनीति की दुर्गंध से खुद को मुक्त नहीं कर सकीं ममता ने शर्मिंदगी में अपना चेहरा छिपाने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रस्तावित किया।
विपक्षी गठबंधन- INDIA के लिए मौत की घंटी?
भाजपा ने विपक्षी राजनीति और खरगे का नाम प्रस्तावित करने का जिक्र करते हुए ममता को आड़े हाथों लिया। मालवीय ने कहा, सीएम ममता को एहसास हुआ कि उनकी घबराहट के बावजूद, विपक्षी खेमे में उनकी अहमियत नहीं बची। वे लंबे समय से गठबंधन से बाहर निकलने के लिए जमीन तैयार करने में लगी थीं। भाजपा आईटी सेल चीफ का दावा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पश्चिम बंगाल पहुंचने से ठीक पहले ममता की तरफ से अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA के लिए मौत की घंटी है। मालवीय ने कांग्रेस की यात्रा को सर्कस करार दिया।
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ममता ने INDIA से बाहर होने की पुष्टि नहीं की; भाजपा ने साधा निशाना
'एकला चलो' की नीति अपनाने का एलान करते हुए ममता ने बुधवार को 28 विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA में अपनी भूमिका पर जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस और वाम दलों के साथ आम सहमति न बनने पर कहा, उन्हें देश में क्या होगा, इस बात की कोई चिंता नहीं है। ममता ने दोहराया कि तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेगी। यह भी दिलचस्प है कि टीएमसी को धर्मनिरपेक्ष दल बताते हुए ममता ने अकेले लड़ने के फैसले के बावजूद खुद को विपक्षी गठबंधन- INDIA से बाहर नहीं माना है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर बंगाल में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने कहा है कि ममता का फैसला हताशा साबित करता है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी और पर भी निशाना साधा है।
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पश्चिम बंगाल में अकेले लड़ाई, हताशा के संकेत
सीएम ममता के फैसले के बाद भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने कहा, पश्चिम बंगाल में अकेले लड़ने का ममता बनर्जी का फैसला हताशा का संकेत है। अपनी राजनीतिक जमीन बरकरार रखने में असमर्थ, ममता बनर्जी की पार्टी- तृणमूल कांग्रेस सभी सीटों पर लड़ना चाहती है। टीएमसी को इस बात की उम्मीद है कि चुनाव के बाद भी ममता प्रासंगिक बनी रह सकती हैं।
तुष्टीकरण की राजनीति की दुर्गंध
मालवीय ने कहा कि ममता विपक्षी गठबंधन के चेहरे के रूप में उभरने की चाह रखती हैं, लेकिन किसी ने भी उनके नाम का प्रस्ताव नहीं रखा। राष्ट्रीय प्रोफाइल बनाने की कवायद के तहत उनके दिल्ली दौरे काम नहीं आए। मालवीय ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा से बचने में भी नाकाम रहीं। तुष्टीकरण की राजनीति की दुर्गंध से खुद को मुक्त नहीं कर सकीं ममता ने शर्मिंदगी में अपना चेहरा छिपाने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रस्तावित किया।
विपक्षी गठबंधन- INDIA के लिए मौत की घंटी?
भाजपा ने विपक्षी राजनीति और खरगे का नाम प्रस्तावित करने का जिक्र करते हुए ममता को आड़े हाथों लिया। मालवीय ने कहा, सीएम ममता को एहसास हुआ कि उनकी घबराहट के बावजूद, विपक्षी खेमे में उनकी अहमियत नहीं बची। वे लंबे समय से गठबंधन से बाहर निकलने के लिए जमीन तैयार करने में लगी थीं। भाजपा आईटी सेल चीफ का दावा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा पश्चिम बंगाल पहुंचने से ठीक पहले ममता की तरफ से अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA के लिए मौत की घंटी है। मालवीय ने कांग्रेस की यात्रा को सर्कस करार दिया।