ममता बनर्जी बोलीं- हड़ताली डॉक्टरों पर नहीं लेंगे एक्शन, मरीज परेशान हैं, काम पर लौटें
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि हम डॉक्टरों की सभी शर्तें मान रहे हैं। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राज्य निजी अस्पताल में भर्ती जूनियर डॉक्टर के चिकित्सा उपचार के सभी खर्चों को वहन करेगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल को 5-6 दिन हो गए हैं। ऐसे में इमरजेंसी बंद होने के चलते मरीज परेशान हैं। हमने डॉक्टरों पर कोई एक्शन नहीं लिया है, एस्मा नहीं लगाया, हम उन पर लाठीचार्ज भी नहीं करेंगे। सभी जल्द ही काम पर लौटें।
West Bengal CM: We've accepted all their demands. I had sent my ministers, principal secy to meet the doctors, waited for 5 hours to meet doctors delegations yesterday & today, but they did not come. You have to give respect to the constitutional body. https://t.co/MzQnUL6iJw
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 15, 2019
ममता ने कहा कि हमने सभी मांगें मानी हैं। मैंने अपने मंत्रियों और प्रमुख सचिव को डॉक्टरों से मिलने भेजा, उन्होंने पांच घंटे तक इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए। आपको संवैधानिक संस्था का आदर करना होगा।
बता दें कि कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट के बाद डॉक्टर्स काम नहीं कर रहे हैं। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। प. बंगाल में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताते हुए राज्य सचिवालय में ममता बनर्जी के साथ शनिवार को बंद कमरे में बैठक का आमंत्रण ठुकरा दिया था और कहा कि मुख्यमंत्री को गतिरोध दूर करने के उद्देश्य से खुले में चर्चा के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल आना चाहिए। जिसके बाद ममता बनर्जी ने सीनियर डॉक्टरों संग बैठक की।
West Bengal government: State is fully committed to take necessary steps. State has taken the decision to bear all the expenses of medical treatment of the junior doctor who is admitted at a private hospital. #DoctorsStrike pic.twitter.com/iGpPaCoTNg
— ANI (@ANI) June 15, 2019
असुरक्षित महसूस कर रहे हैं जूनियर डॉक्टर्स
उन्होंने कहा कि शनिवार की शाम में राज्य सचिवालय में बनर्जी द्वारा बुलाई गई बैठक में आंदोलनकारी डॉक्टरों का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त फोरम के एक प्रवक्ता ने संगठन की संचालन इकाई की बैठक के बाद कहा कि हम बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मुख्यमंत्री के साथ बंद कमरे में अपने प्रतिनिधियों की बैठक को लेकर आशंकित हैं। इसीलिए हम बैठक में शामिल होने के लिए अपने किसी भी प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं भेज रहे हैं।
डॉक्टरों ने बंद कमरे में बैठक की जगह बनर्जी को बातचीत के लिए एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आने को कहा है जहां दो डॉक्टरों पर हमला हुआ था। उनकी मांग है कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा दी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार की रात डॉक्टरों को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। जिसके बाद उन्होंने शनिवार को एक बार फिर उन्हें मिलने के लिए आमंत्रित किया है ताकि सरकारी अस्पतालों में जारी हड़ताल को खत्म किया जा सके। डॉक्टरों की मांग हैं कि वह उनसे बिना शर्त माफी मांगे। उन्होंने ममता बनर्जी से बातचीत करने से इनकार कर दिया है।