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India-Maldives: तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगे मालदीव के रक्षा मंत्री मौमून, राजनाथ सिंह से करेंगे मुलाकात
Tue, 07 Jan 2025 01:04 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 07 Jan 2025 01:04 PM IST
सार
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मालदीव के रक्षा मंत्री मौमून आठ जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों मंत्री द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण, अभ्यास और रक्षा परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे। इसमें मालदीव के राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की क्षमता को बढ़ाने के लिए रक्षा उत्पादों की आपूर्ति भी शामिल है।
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मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून
- फोटो : ANI
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विस्तार
मालदीव द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने के लिए लगातार भारत के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा है। आठ जनवरी को मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगे। मौमून नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करने के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलेंगे।
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रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मालदीव के रक्षा मंत्री मौमून आठ जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान दोनों मंत्री द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण, अभ्यास और रक्षा परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे। इसमें मालदीव के राष्ट्रीय सुरक्षा बलों की क्षमता को बढ़ाने के लिए रक्षा उत्पादों की आपूर्ति भी शामिल है। मंत्रालय ने कहा कि मालदीव भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत अहम स्थान रखता है। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और संरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्रालय ने बताया कि मौमून गोवा और मुंबई भी जाएंगे।
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बिगड़ गए थे भारत-मालदीव के रिश्ते
दरअसल 2023 में मालदीव में मुइज्जू की सरकार बनी। मुइज्जू को चीन समर्थक माना जाता है। सरकार में आते ही मुइज्जू ने भारत विरोधी कई कदम उठाए,जिसकी वजह से रिश्ते खराब हो गए थे। मालदीव से भारतीय सेना की वापसी और पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे पर टिप्पणी से दोनों देशों के संबंध बिगड़े थे। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पिछले नवंबर में शपथ लेने के कुछ घंटों के भीतर, भारत से अपने 88 सैन्य कर्मियों को देश से वापस लेने के लिए कहा था।
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उन्होंने कहा था कि उनकी उपस्थिति उनके देश की संप्रभुता के लिए खतरा थी। इसके बाद मालदीव के कुछ मंत्रियों ने पीएम मोदी और भारत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस पर भारत के लोगों में गुस्सा भड़क गया और जमकर आलोचना की थी। ये आलोचना इस नौबत तक जा पहुंची कि सोशल मीडिया में हैशटैग 'बॉयकॉट मालदीव' ट्रेंड करने लगा था। बॉयकॉट के चलते मालदीव को भारी नुकसान हुआ।
हालांकि, अक्तूबर में अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान मुइज्जू ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने की कसम भी खाई थी। मालदीव भारत का प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति और विजन 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के तहत एक महत्वपूर्ण साझेदार है।