{"_id":"61e0dc62e2580c1c4e569fed","slug":"makar-sankranti-first-global-surya-namaskar-program-today-ministry-of-ayush-said-upload-video-from-homes","type":"story","status":"publish","title_hn":"Surya Namaskar on Makar Sakranti: आज पहला 'वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम', आयुष मंत्रालय ने कहा- घरों से अपलोड करें वीडियो","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Surya Namaskar on Makar Sakranti: आज पहला 'वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम', आयुष मंत्रालय ने कहा- घरों से अपलोड करें वीडियो
Fri, 14 Jan 2022 07:43 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 14 Jan 2022 07:43 AM IST
सार
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का महापर्व है। गंगासागर में इस मौके पर महास्नान होता है। सनातन संस्कृति में इस पर्व का बहुत महत्व है। सूर्य की अक्षय उर्जा को यह पर्व खास तौर से मनाया जाता है। इस मौके पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल लोगों को संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
सूर्य नमस्कार करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मकर संक्रांति के मौके पर आज पहली बार वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें करीब 1 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयुष मंत्रालय ने कोरोना महामारी को देखते हुए घरों पर ही सूर्य नमस्कार करने और उसके वीडियो रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल की गई लिंक पर अपलोड करने की सलाह दी है।
विज्ञापन
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का महापर्व है। गंगासागर में इस मौके पर महास्नान होता है। सनातन संस्कृति में इस पर्व का बहुत महत्व है। सूर्य की अक्षय उर्जा को यह पर्व खास तौर से मनाया जाता है। इस मौके पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल लोगों को संबोधित करेंगे।
विज्ञापन
जापान में सबसे पहले शुरुआत
जापान में सबसे पहले सूर्य नमस्कार शुरू हुआ। इसके बाद भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में भी सुबह सात बजे से शुरू हुआ। पूरी दुनिया में एक करोड़ से ज्यादा लोग इस मुहिम में शामिल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में दुनियाभर के लोगों ने इसके लिए पंजीयन कराया है। लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। केंद्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बताया कि सूर्य नमस्कार के जरिए आठ आसन होते हैं जिनमें से एक एक आसान सांस लेने के साथ होता है। यह यौगिक प्रक्रिया है।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने कहा, आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के तहत आयुष मंत्रालय आगामी 14 जनवरी को वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के लिए पूरी तरह से तैयार है। आयुष मंत्री सोनोवाल ने कहा कि वर्तमान में कोविड 19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मकर संक्रांति पर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ज्यादा प्रासंगिक है।