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जानिए क्या है मानव तस्करी विरोधी विधेयक
ज़ुबैर अहमद/ बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
Updated Tue, 31 May 2016 06:20 PM IST
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मानव तस्करी भारत में तीसरा सब से बडा और गंभीर अपराध है
- फोटो : think stock
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केंद्रीय सरकार का कहना है कि मानव तस्करी भारत में तीसरा सब से बडा और गंभीर अपराध है। मानव तस्करी और इस तरह के दूसरे अपराधों की रोक थाम के लिए भारत सरकार ने मानव तस्करी (सुरक्षा, बचाव और पुनर्वास) बिल 2016 का मसौदा जारी किया है। ये बिल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तैयार किया गया है लंबे समय से इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी।
दरअसल मौजूदा कानून इम्मोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट 1956 के अंतर्गत देह व्यापर तक सीमित था लेकिन इस बिल में इसके दायरे को बढाया गया है और इसमें कई ऐसे अपराधों को शामिल किया गया है जो मौजूदा कानून में शामिल नहीं थे।
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दरअसल मौजूदा कानून इम्मोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट 1956 के अंतर्गत देह व्यापर तक सीमित था लेकिन इस बिल में इसके दायरे को बढाया गया है और इसमें कई ऐसे अपराधों को शामिल किया गया है जो मौजूदा कानून में शामिल नहीं थे।
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पीडितों और गवाहों की पहचान बाहर करने पर रोक
पीडितों और गवाहों की पहचान बाहर करने पर रोक
- फोटो : bbc world service
1. बंधुआ मजदूरी और बाल मजदूरी से लेकर वेतन कम देने जैसे अपराध इस बिल में शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर वो परिवार जो छोटी बच्चियों को नौकरानी की तरह रखते हैं और उन्हें पर्याप्त वेतन नहीं देते, उनका शोषण करते हैं तो ऐसे परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है
2. पीडितों और गवाहों की पहचान बाहर करने पर रोक: मीडिया या कोई व्यक्ति पीडितों और गवाहों के नाम या पहचान सार्वजनिक करे तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी
3. विशेष जांच एजेंसी: बिल में केंद्रीय सरकार को एक विशेष जांच एजेंसी के गठन का सुझाव दिया गया है। इस एजेंसी का काम होगा मानव तस्करी के मामलों की नए कानून के अंतर्गत जांच करना
2. पीडितों और गवाहों की पहचान बाहर करने पर रोक: मीडिया या कोई व्यक्ति पीडितों और गवाहों के नाम या पहचान सार्वजनिक करे तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी
3. विशेष जांच एजेंसी: बिल में केंद्रीय सरकार को एक विशेष जांच एजेंसी के गठन का सुझाव दिया गया है। इस एजेंसी का काम होगा मानव तस्करी के मामलों की नए कानून के अंतर्गत जांच करना
पीड़ितों के लिए होगा विशेष अदालतों का गठन
पीड़ितों के लिए होगा विशेष अदालतों का गठन
- फोटो : bbc
4. विशेष अदालत: पीडितों के आघात को कम करने और अधिक से अधिक केसेज में सजा दिलाने के लिए बिल में जिला स्तर पर विशेष अदालतों के गठन का प्रावधान है। इन में सरकारी वकीलों और जजों की नियुक्ति की कोशिशों का प्रस्ताव भी है।
5. पुनर्वास: बिल के अनुसार तस्करी की शिकार लडकियों के लिए लम्बे अर्से तक के लिए सरकारी रिहाइश का इंतेजाम हो जहाँ उनके पुनर्वास पर जोर दिया जाये। उन्हें नए हुनर सिखाए जाएँ ताकि वो मुलाजमत कर सकें।
5. पुनर्वास: बिल के अनुसार तस्करी की शिकार लडकियों के लिए लम्बे अर्से तक के लिए सरकारी रिहाइश का इंतेजाम हो जहाँ उनके पुनर्वास पर जोर दिया जाये। उन्हें नए हुनर सिखाए जाएँ ताकि वो मुलाजमत कर सकें।
पुनर्वास की होगी व्यवस्था
लड़कियों के लिए पुनर्वास की होगी व्यवस्था
- फोटो : bbc
6. अंतर-देश की तस्करी: मानव तस्करी भारत से पडोसी देशों में आम है। इसकी रोक थाम के लिए बिल में पडोसी देशों से इस सम्बन्ध ताल मेल बढाने का सुझाव है।
7. इस विधेयक में जिला और राज्य स्तर पर अंतर-मंत्रालयी तस्करी विरोधी समितियों के गठन का सुझाव है
7. इस विधेयक में जिला और राज्य स्तर पर अंतर-मंत्रालयी तस्करी विरोधी समितियों के गठन का सुझाव है