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Electoral Bonds: चुनावी बॉन्ड के 23वें चरण की बिक्री शुरू, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप
Wed, 09 Nov 2022 10:48 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 09 Nov 2022 10:48 PM IST
सार
चुनावी बांड की बिक्री की 21वीं किश्त 1-10 जुलाई 2022 तक हुई थी। वहीं, चुनावी बांड के पहले बैच की बिक्री 1-10 मार्च 2018 तक हुई थी। एसबीआई इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने वाला एकमात्र अधिकृत बैंक है।
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महुआ मोइत्रा
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार द्वारा अनुमति देने के बाद आज यानी 9 नवंबर से चुनावी बांड के 23वें चरण की बिक्री शुरू हो गई है। चुनावी बॉन्ड की बिक्री 15 नवंबर को बंद होगी। वहीं, इस मुद्दे पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो राज्यों में चुनाव से तुरंत पहले चुनावी बॉन्ड जारी करने की अनुमति देने के कारण भाजपा को अधिक गुमनाम चंदा मिलेगा।
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वित्त मंत्रालय ने की थी घोषणा
वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में इसकी घोषणा की थी। मंत्रालय ने कहा था कि चुनावी बॉन्ड की बिक्री के 23वें चरण में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को 9-15 नवंबर के दौरान उसकी 29 अधिकृत शाखाओं के माध्यम से चुनावी बॉन्ड जारी करने और उसे भुनाने के लिए अधिकृत किया गया है। इस बार एसबीआई की लखनऊ, शिमला, देहरादून, कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, पटना, नयी दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर और मुंबई की शाखाओं को इसके लिए अधिकृत किया गया है।
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गुजरात में दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को विधानसभा चुनाव होंगे जबकि हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को एक चरण में विधानसभा चुनाव होंगे।
गौरतलब है कि चुनावी बांड की बिक्री की 21वीं किश्त 1-10 जुलाई 2022 तक हुई थी। वहीं, चुनावी बांड के पहले बैच की बिक्री 1-10 मार्च 2018 तक हुई थी। एसबीआई इलेक्टोरल बॉन्ड जारी करने वाला एकमात्र अधिकृत बैंक है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि ये चुनावी बांड जारी होने की तारीख से 15 दिनों के लिए वैध होगा। साथ ही अगर बांड की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद बांड जमा किया जाएगा तो किसी भी राजनीतिक दल को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। ये चुनावी बांड भारतीय नागरिकों या देश में निगमित या स्थापित संस्थाओं द्वारा खरीदे जा सकते हैं। पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में कम से कम 1 प्रतिशत वोट हासिल करने वाले पंजीकृत राजनीतिक दल चुनावी बांड के माध्यम से धन ले सकते हैं।
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चुनाव से पहले चुनावी बांड की बिक्री पर महुआ मोइत्रा ने सरकार को घेरा
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को सरकार पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव से पहले अधिक चुनावी बांड जारी करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर सरकार को घेरते हुए कहा कि "पहले लोकसभा चुनाव के वर्षों को छोड़कर जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में केवल 10 निर्दिष्ट तिथियों पर बिक्री की अनुमति थी।" उन्होंने आगे लिखा कि "एमसीसी उल्लंघन साफ़ करें - ईसीआई जागो!"