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Maharashtra: महायुति सरकार पर एंबुलेंस घोटाले का आरोप; छावा संगठन ने की मंत्री कोकाटे को हटाने की मांग

Fri, 25 Jul 2025 06:54 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: बशु जैन Updated Fri, 25 Jul 2025 06:54 PM IST
सार

शिवसेना नेता संजय राउत ने महायुति सरकार पर 800 करोड़ रुपये का एंबुलेंस घोटाला करने का आरोप लगाया। एनसीपी कार्यकर्ताओं के हमले के बाद छावा संगठन के कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की और राज्य के मंत्री माणिकराव कोकाटे को पद से हटाने की मांग की।

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Mahayuti government accused of ambulance scam; Chhava organization demands removal of Minister Kokate
श्रीकांत शिंदे और माणिकराव कोकाटे। - फोटो : ANI

विस्तार

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महाराष्ट्र की महायुति सरकार को विपक्ष ने चारों ओर से घेर रखा है। शिवसेना नेता संजय राउत ने महायुति सरकार पर 800 करोड़ रुपये का एंबुलेंस घोटाला करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस घोटाले से जुड़ी रकम को शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के फाउंडेशन में भेज दिया गया। जबकि सत्तारूढ़ शिवसेना ने इस आरोप को खारिज कर दिया। उधर, एनसीपी कार्यकर्ताओं के हमले के बाद छावा संगठन के कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की और राज्य के मंत्री माणिकराव कोकाटे को पद से हटाने की मांग की।

संजय राउत ने क्या आरोप लगाए
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि राज्य सरकार ने एंबुलेंस की खरीद के लिए एक निविदा जारी की थी और इसका ठेका महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के करीबी सहयोगी की फर्म को दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि 800 करोड़ रुपये की एंबुलेंस खरीद का ठेका सुमित फैसिलिटीज लिमिटेड को दिया गया था। इसकी वास्तविक लागत 100 करोड़ रुपये थी, लेकिन राशि बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी।

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उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। सुमित फैसिलिटीज के अमित सालुंके आर्थिक तौर पर श्रीकांत शिंदे के फाउंडेशन की रीढ़ माने जाते हैं। पैसा फाउंडेशन में भेज दिया गया। झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक टीम महाराष्ट्र आई और गुरुवार को शराब घोटाले में अमित सालुंके को गिरफ्तार कर लिया। वह एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे का बेहद करीबी सहयोगी है।

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वहीं राज्य के उद्योग मंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत ने राउत के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोपों का कोई आधार नहीं है। श्रीकांत शिंदे ने (ऑपरेशन सिंदूर) प्रतिनिधिमंडल के एक भाग के रूप में अपनी योग्यता साबित की है। महाराष्ट्र के लोग ऐसे आरोपों को कोई महत्व नहीं देंगे। 


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छावा संगठन ने की मंत्री कोकाटे को हटाने की मांग
छावा संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पार्टी प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की और राज्य के मंत्री माणिकराव कोकाटे को पद से हटाने की मांग की। एनसीपी कार्यकर्ताओं ने 20 जुलाई को लातूर में छावा संगठन के कार्यकर्ताओं पर हमला किया था। जहां कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेता सुनील तटकरे से एक वीडियो को लेकर बहस की थी, जिसमें कथित तौर पर राज्य के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को हाल ही में संपन्न राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान अपने मोबाइल फोन पर रमी का खेल खेलते हुए दिखाया गया था।

छावा संगठन के नेता विजय घाडगे और संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं ने पुणे के सरकारी गेस्टहाउस में पवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जब हम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तटकरे को ज्ञापन देने गए थे, तब हमने अजित दादा से उस हमले के बारे में पूछा। हमने उनसे पूछा कि हमारी क्या गलती थी? उन्होंने घटना की निंदा की और हमें बताया कि उन्होंने उसी दिन इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी।

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उन्होंने कहा कि पवार ने लातूर के पुलिस अधीक्षक से बात की और उन्हें कार्यकर्ताओं पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हमने कोकाटे को राज्य के कृषि मंत्री के पद से हटाने की मांग की है। घाडगे ने बताया कि राज्य को सबसे असंवेदनशील कृषि मंत्री मिला है और उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया जाना चाहिए। उन्होंने मंगलवार तक का समय मांगा और आश्वासन दिया कि वह निर्णय लेंगे। यदि मंगलवार तक कोकाटे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो छावा संगठन और किसान पवार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसे लेकर पुणे में मौजूद वरिष्ठ एनसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि दोनों पक्ष (छावा संगठन और राकांपा कार्यकर्ता) दोषी हैं।

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