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सीआईसी का PMO को आदेश, गांधी हत्या की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे

Mon, 20 Feb 2017 08:09 PM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Mon, 20 Feb 2017 08:09 PM IST
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Mahatma gandhi assassination case to report public

केंद्रीय सूचना आयोग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को महात्मा गांधी की हत्या पर जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। इस रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया है कि सारे सबूत केवल वीर सावरकर और उनके समूह के आपराधिक साजिश में शामिल होने के सिद्धांत की ओर इशारा करते हैं।

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इसके साथ ही आयोग ने सर्वोच्च कार्यालय से नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी फाइलों के हालिया खुलासे पर आधारित महात्मा गांधी का संपूर्ण अभिलेखागार बनाने की सिफारिश भी की है। 
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दि ट्रांसपेरेंसी वाचडॉग ने एक सूचना का अधिकार आवेदन स्थानांतरित करते हुए 30 जनवरी, 1948 को हुई महात्मा गांधी की हत्या, उससे संबंधित जांच और अदालती मुकदमों से जुड़े रिकॉर्ड की मांग की थी। इसके बाद आयोग ने कहा कि सूचना और गांधी की हत्या से संबंधित रिकॉर्ड्स पर अभिलेखागार बनाने की उचित नीति, जांच, परीक्षण, सजा, आधिकारिक पत्राचार और जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर आवश्यक कार्रवाई के लिए यह आवेदन प्रधानमंत्री कार्यालय को स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
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भारतीय कानून संस्थान के पास गांधी की हत्या से जुड़ी सूचना का खजाना है

Mahatma gandhi assassination case to report public

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने कहा कि गांधी की हत्या में साजिश और अन्य पहलुओं पर जांच के लिए सरकार ने जेएल कपूर की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग की नियुक्ति की थी।

उन्होंने कहा कि कपूर रिपोर्ट की एक कॉपी नई दिल्ली के भारतीय कानून संस्थान में उपलब्ध है। भारतीय कानून संस्थान के पास गांधी की हत्या से जुड़ी सूचना का खजाना है जिसकी जांच होनी चाहिए और भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार में एक अभिलेखागार बनना चाहिए।

दि हिंदू समाचार पत्र में छपे प्रतिष्ठित इतिहासकार और वकील एजी नूरानी के लेख का उदाहरण देते हुए आचार्युलु ने कहा कि इससे पहले सरकार ने सावरकर को सरकारी गवाह की स्वीकारोक्ति के समर्थन में आवश्यक सबूत पेश कर पाने में असफल होने पर बरी कर दिया था। हालांकि, न्यायाधीश कपूर के नतीजे पूरी तरह से साफ हैं।

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