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नारायण राणे के भाजपा में शामिल होने पर शिवसेना बोली: यह दूध में नमक मिलाने जैसा
Wed, 28 Aug 2019 11:47 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 28 Aug 2019 11:47 AM IST
सार
- नारायण राणे के भाजपा में शामिल होने पर शिवसेना का विरोध
- शिवसेना नेता कहा- यह दूध में नमक मिलाने जैसा है
- नारायण राणे शिवसेना और कांग्रेस में रह चुके हैं
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नारायण राणे (फाइल फोटो)
विस्तार
महाराष्ट्र के प्रमुख नेता नारायण राणे के भाजपा में शामिल होने के लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि सत्ताधारी पार्टी की सहयोगी शिवसेना ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष की आवाज उठाई है।
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Maharashtra Min&Shiv Sena leader Deepak Kesarkar: The kind of relation that CM Devendra Fadnavis&Uddhav Thackeray have&the way in which they came together to power, letting Narayan Rane join BJP would be like putting salt in milk. We know CM will not take such a decision.(27.08) pic.twitter.com/PCov6r6wYF
— ANI (@ANI) August 28, 2019विज्ञापन
शिवसेना नेता दीपक केसरकर ने मंगलवार को कहा कि राणे को भाजपा में शामिल करना मीठे दूध में नमक मिलाने जैसा होगा। केसरकर ने कहा कि राणे को भाजपा में लाना व्यर्थ है क्योंकि उनके पास केवल एक विधायक बचा है।
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केसरकर ने कहा कि यह देखते हुए कि उद्धव ठाकरे और सीएम के बीच के रिश्ते अभी कितने अच्छे हैं, नारायण राणे को बीजेपी में लेना, मीठे दूध में नमक मिलाने के जैसा होगा।
उन्होंने आगे कहा कि अब तक सीएम ने अच्छे फैसले लिए हैं और हमें उम्मीद है कि वह अच्छा काम करना जारी रखेंगे। राणे को भाजपा में लाने का क्या फायदा है? उनके पास केवल एक विधायक बचा है? कांग्रेस में भी उन्होंने नेतृत्व का सम्मान नहीं किया।
पिछले हफ्ते, राणे ने उन्हें पार्टी में शामिल नहीं करने पर भाजपा के साथ बैचेनी व्यक्त की थी। राज्यसभा सांसद, राणे ने कहा था कि वह अगले 10 दिनों में अपनी पार्टी महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष (एमएसपी) को भंग करने पर निर्णय लेंगे।
उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि भाजपा प्रमुख अमित शाह ने पार्टी में शामिल होने के लिए पहले ही संकेत दे दिया है। उन्होंने दावा किया कि वह सीएम देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे है।
राणे को भाजपा के महाराष्ट्र कोटे से राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया था, लेकिन पार्टी ने अभी तक उन्हें शामिल नहीं किया है, कथित तौर पर भाजपा को अपने प्रमुख सहयोगी शिवसेना से विरोध की आशंका है।
नारायण राणे 1999 में नौ महीने तक महाराष्ट्र के सीएम रहे और 2005 में शिवसेना के तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ मतभेदों पर पार्टी छोड़ दी। राणे ने 2017 में कांग्रेस पार्टी भी छोड़ दी और अपनी पार्टी एमएसपी बनाई।
राणे के बेटे नितेश कांग्रेस के विधायक हैं और उन्होंने दावा किया था कि महाराष्ट्र में आगामी चुनावों में नितेश भाजपा या एमएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।