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Ajit vs Sharad Pawar: क्या आप सत्ता के लिए परिवार को विभाजित कर देंगे? डिप्टी CM के तंज के बाद 'साहेब' का सवाल
Tue, 29 Oct 2024 05:58 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारामती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारामती
Published by: शिव शुक्ला
Updated Tue, 29 Oct 2024 05:58 PM IST
सार
बारामती विधानसभा क्षेत्र से अपने पोते और राकांपा (सपा) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार के लिए प्रचार करते हुए शरद पवार ने मंगलवार को भतीजे अजित पवार की नकल भी की। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता और भाइयों ने मुझे कभी घर (परिवार) तोड़ने जैसा पाप करना नहीं सिखाया।
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शरद पवार अजित पवार में ठनी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर वहां की राजनीति अपने पूरे शबाब पर है। इस बार के चुनाव इसलिए भी खास हैं क्योकि राज्य की दो बड़ी पार्टियों में दो फाड़ होने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। जिसके चलते पारिवारिक तनाव राजनीतिक गलियों में भी देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने बारामती विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान अपने भतीजे और राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार पर जमकर हमला बोला। साथ ही उन्होंने अजित पर राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए परिवार को तोड़ने का आरोप लगाया।
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मेरे माता-पिता और भाइयों ने मुझे परिवार तोड़ना नहीं सिखाया
बारामती विधानसभा क्षेत्र से अपने पोते और राकांपा (सपा) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार के लिए प्रचार करते हुए शरद पवार ने मंगलवार को भतीजे अजित पवार की नकल भी की। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता और भाइयों ने मुझे कभी घर (परिवार) तोड़ने जैसा पाप करना नहीं सिखाया। लोगों ने बहुत समय पहले मुझे महाराष्ट्र का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। मैं अब एक संरक्षक हूं और मैंने पार्टी को नई पीढ़ी को सौंप दिया है।
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सुप्रिया सुले को कभी भी पद नहीं सौंपा
शरद ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि अनंतराव पवार (अजित पवार के पिता) सहित मेरे सभी भाई मेरे साथ रहते थे। मैं अपने भाइयों के आशीर्वाद के कारण राजनीति पर ध्यान केंद्रित कर सका। मैं उनके बच्चों के साथ भेदभाव नहीं करूंगा। इस दौरान शरद पवार ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कई नेताओं को मंत्री पद की पेशकश की, लेकिन सुप्रिया सुले को एक भी पद नहीं सौंपा।
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सत्ता के लिए सहयोगियों को नहीं छोड़ना चाहिए
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी निश्चित नहीं है, लेकिन किसी को भी सत्ता हासिल करने के लिए अपने सहयोगियों को नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम (एनसीपी) सत्ता में नहीं थे, हमारे कुछ सहयोगी अचानक सुबह उठे और शपथ ली। हालांकि वह सरकार चार दिन भी नहीं चली।
अजित से पूछा सवाल
आगे अजित से सवाल करते हुए शरद पवार ने कहा कि वह (अजित) चार बार उपमुख्यमंत्री पद पर रहे। इसके बाद भी वे उपमुख्यमंत्री बनने के लिए दूसरी तरफ चले गए। आप चार बार डिप्टी सीएम रहे ऐसे में अगर आप केवल एक बार यह पद पाने में विफल रहे, तो क्या आप घर तोड़ देंगे। और अब वे कह रहे हैं कि मैंने परिवार तोड़ दिया। यह सुनने में ही अजीब बात है। शरद पवार ने इस दौरान साफ कहा कि उन्होंने कभी भी पवार परिवार में दरार पैदा नहीं की। उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसी के खिलाफ जाकर कुछ नहीं किया और न कभी करूंगा। चाहे कोई भी कैसा भी स्टैंड ले, मैं गलत रास्ते पर नहीं जाऊंगा। मैं सुनिश्चित करूंगा कि मेरा परिवार एकजुट रहे।
कल अजित ने लगाया था 'साहेब' पर आरोप
इससे पहले, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए बारामती सीट से नामांकन दाखिल करने के बाद उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजित पवार एक रैली के दौरान भावुक हो गए थे। इस दौरान राकांपा के संस्थापक शरद पवार का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि 'साहेब' ने परिवार में विभाजन पैदा किया और उनके खिलाफ एक उम्मीदवार खड़ा किया। अजित पवार ने कहा, 'मैंने पहले अपनी गलतियों को माना था। लेकिन अब लगता है कि दूसरे भी गलतियां कर रहे हैं। मेरे परिवार और मैंने तय किया था कि हम पहले बारामती से नामाकंन दाखिल करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेरी मां ने मेरा बहुत समर्थन किया था और उन्हें (शरद पवार) सलाह दी थी कि किसी का भी मेरे खिलाफ नामांकन नहीं होना चाहिए। लेकिन मुझे बताया गया है कि साहेब (शरद पवार) ने किसी को मेरे खिलाफ नामांकन दाखिल करने का निर्देश दिया। साहेब ने परिवार में विभाजन पैदा किया है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि राजनीति को इस स्तर पर नहीं लाया जाना चाहिए, क्योंकि परिवार को एकजुट होने में पीढ़ियां लगती हैं और टूटने में एक पल भी नहीं लगता।'