Maharashtra:लातूर में हत्या के मामले में 22 साल बाद 12 को उम्रकैद; सूरत में 260 मीटर PAC ब्रिज का निर्माण पूरा
महाराष्ट्र के लातूर में 22 साल पहले राजनीतिक रंजिश को लेकर की गई हत्या के एक मामले में 12 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 23 मई, 2023 को पंचायत चुनावों को लेकर 13 लोगों ने स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता दिगंबर पाटिल (58) पर लाठी डंडों से हमला किया था। हमले में पाटिल की मौत हो गई थी, जबकि उनके परिवार के कुछ लोग जख्मी हुए थे। पुलिस ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के जज आरएम कदम ने 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए उन पर जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना : सूरत में 260 मीटर पीएससी ब्रिज का निर्माण पूरा
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत गुजरात में निर्माणाधीन नेशनल एक्सप्रेसवे के ऊपर 260 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया गया है। राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (एनएचएसआसी) की ओर से सोमवार को बताया गया है कि यह ब्रिज सूरत जिले के कोसम्बा के पास दिल्ली-मुंबई नेशनल एक्सप्रेसवे-4 को क्रॉस करेगा।
एनएचएसआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि यह परियोजना के लिए पांचवां पीएससी ब्रिज है। इसमें 104 प्रीकास्ट सेगमेंट का इस्तेमाल किया गया है। यह 50 और 80 मीटर के चार स्पैन वाला है। इसका निर्माण बैलेंस्ड कैंटिलीवर विधि से किया गया, जो बड़े स्पैन के लिए आदर्श मानी जाती है। नया ब्रिज सूरत और भरूच के बीच है। इसके निर्माण कार्य के िलए वाहनों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ ट्रैफिक प्रवाह को बिना रोके पूरा किया गया।
रक्षा उत्पादन बढ़ाने के लिए सेमीकंडक्टर नीति महत्वपूर्ण- नौसेना प्रमुख
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने सोमवार को कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर नीति रक्षा उत्पादन को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निजी क्षेत्र से आगे आने का आह्वान किया। यहां एक कार्यक्रम में बोलते हुए एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि यह नीति मूल रूप से अर्थव्यवस्था के लिए ग्रीस का काम कर रही है।
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, रक्षा मंत्रालय ने इस साल इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडेक्स) योजना के लिए 450 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को नवाचार करने में मदद करना है। रक्षा मंत्रालय ने हमारे आधुनिकीकरण बजट का 75 प्रतिशत रक्षा उद्योग के लिए आरक्षित किया है। यह लगभग एक लाख करोड़ रुपये है। इसमें से 25 प्रतिशत इस बजट में निजी रक्षा उद्योग के लिए आरक्षित किया गया है। इस साल आईडेक्स योजना के लिए 450 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक आवंटित किए गए हैं। 2018 में शुरू होने के बाद से आईडेक्स ने लगभग 400 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा, सेमीकंडक्टर नीति से विशेष रूप से प्रौद्योगिकी-संचालित नौसेना के लिए सकारात्मक उम्मीदें हैं। यह नई नीति निश्चित रूप से नागरिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों को लाभान्वित करेगी। नई नीतियां छोटी परियोजनाओं के लिए 1.5 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्रदान करती हैं, जबकि आदिति योजना नवीन प्रौद्योगिकियों के लिए 25 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण प्रदान करती है।
ठाणे के सिग्नल स्कूल के सड़क पर रहने वाले बच्चों की एक टीम ने एक रोबोट बनाया है। वे रोबोटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेंगे। यह स्कूल शहर के व्यस्त चौराहे तीन हाट नाका पर फ्लाईओवर के नीचे एक कंटेनर में चलता है। स्कूल चलाने वाले एनजीओ समर्थ भारत व्यासपीठ के निदेशक भाटू सावंत ने बताया कि आठवीं और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की सिग्नल स्टार्स रोबोटिक्स टीम ने एक ऐसा रोबोट विकसित किया है जो वस्तुओं को हिला सकता है, उठा सकता है या संभाल सकता है। प्रतियोगिता द फर्स्ट टेक चैलेंज (एफटीसी) 28 फरवरी से दो मार्च तक पुणे के पास बालेवाड़ी स्टेडियम में आयोजित की जाएगी।
कांग्रेस ने गिग श्रमिकों के लिए कानून बनाने की मांग की
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने राज्य के गिग श्रमिकों ने अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की। अगर कानून नहीं बनाया गया तो इस मुद्दे को विधानसभा के बजट सत्र में उठाया जाएगा। सोमवार रात को महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंधे ने छत्रपति संभाजीनगर में गिग वर्कर्स से मुलाकात की। लोंधे ने कहा कि हमने कर्नाटक और अन्य राज्यों में गिग वर्कर्स के लिए कानून बनाया है। इन श्रमिकों को सुरक्षा दी जानी चाहिए। लेकिन महाराष्ट्र में ऐसा कोई कानून नहीं है। उनकी सुविधा के लिए एक शिकायत तंत्र भी बनाया जाना चाहिए।
मेट्रो परियोजना के लिए परामर्श सेवा देने वाली फ्रांसीसी कंपनी सिस्ट्रा ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। वहीं बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को इसकी भारतीय सहायक कंपनी के अनुबंध को समाप्त करने के एमएमआरडीए के नोटिस को रद्द कर दिया। फ्रांसीसी दूतावास ने दिल्ली में महाराष्ट्र के रेजिडेंट कमिश्नर रूपिंदर सिंह को एक पत्र लिखा। इसमें फ्रांसीसी कंपनी सिस्ट्रा द्वारा दूतावास को एमएमआरडीए के साथ परियोजनाओं पर एक सामान्य सलाहकार के रूप में काम करने के दौरान गंभीर उत्पीड़न/चुनौतियों का सामना करने की शिकायत का हवाला दिया गया। फ्रांसीसी दूतावास ने सरकार से इस मुद्दे का गहराई से" अध्ययन करने और स्थिति को हल करने का अनुरोध किया। कंपनी ने एमएमआरडीए अधिकारियों पर अनुचित लाभ मांगने के साथ-साथ भुगतान में देरी करने, कंपनी पर ठेकेदारों पर ऑर्डर बढ़ाने के लिए दबाव डालने, प्रमुख कर्मचारियों के लिए अनुमोदन रोकने और मनमाने ढंग से जुर्माना लगाने का आरोप लगाया। मंगलवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की पीठ ने कहा कि एमएमआरडीए ने 3 जनवरी, 2025 को सिस्ट्रा एमवीए कंसल्टिंग (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड की सेवाओं को बंद करते समय कोई कारण नहीं बताया।
शिंदे ने शीर्ष अधिकारी से सिस्ट्रा के आरोपों की जांच करने को कहा
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को शहरी विकास विभाग के एक शीर्ष अधिकारी से मुंबई में मेट्रो परियोजनाओं के संबंध में फ्रांसीसी कंपनी सिस्ट्रा के रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारियों और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के अधिकारियों का पक्ष सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव (यूडी-1) असीम कुमार गुप्ता को मामले की जांच करने को कहा गया है। वरिष्ठ अधिकारी को 15 दिन में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।