Maharashtra: रोडरेज में व्यक्ति की हत्या मामले में एक गिरफ्तार; जीबीएस से संक्रमित दो मरीजों की मौत
Maharashtra Updates : सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अन्य एजेंसियों को सूचित किया और जांच शुरू की। कॉल करने वाले व्यक्ति को चेंबूर इलाके से हिरासत में लिया गया है। वह मानसिक रूप से बीमार है।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान पर आतंकी हमले की आंशका से जुड़ा एक फोन कॉल मुंबई पुलिस के पास आया। पुलिस ने बताया कि 11 फरवरी को मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आई, जिसमें अलर्ट किया गया कि पीएम मोदी के विमान पर आतंकवादी हमला कर सकते हैं। चूंकि, वह आधिकारिक विदेश यात्रा पर हैं तो सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अन्य एजेंसियों को सूचित किया और जांच शुरू की। कॉल करने वाले व्यक्ति को चेंबूर इलाके से हिरासत में लिया गया है। वह मानसिक रूप से बीमार है।
राउत ने अन्ना हजारे को घेरा
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को अन्ना हजारे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ उन्होंने एक बार भी आवाज नहीं उठाई। राउत ने संवाददाताओं से कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनोज सिसौदिया ने अन्ना (हजारे) को महात्मा बना दिया। उनके बिना, अन्ना दिल्ली भी नहीं देख पाते। 2014 के बाद, भाजपा शासित केंद्र और महाराष्ट्र में कई अनियमितताएं हुईं, लेकिन अन्ना हजारे ने एक भी शब्द नहीं बोला। हजारे को भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध जताने के लिए दिल्ली में राम लीला और जंतर-मंतर पर धरना देने जाना चाहिए था।
अरंडी के बीज खाने से नौ बच्चे अस्पताल में भर्ती
मलाड में मंगलवार को अरंडी के बीज खाने से नौ बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी बच्चों की उम्र 4 से 7 साल के बीच है। एक अधिकारी ने बताया कि कांदिवली में सरकारी अस्पताल में नौ बच्चों में से चार को दोपहर में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। ये बच्चे मलाड के कुरार के निवासी हैं। उन्होंने कहा, अरंडी के बीज खाने वाले नौ बच्चों में पांच लड़कियां हैं। उन्हें दस्त और उल्टी हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नवी मुंबई में रोडरेज में व्यक्ति की हत्या
मुंबई और पुणे में गुलियन बेरे सिंड्रोम से संक्रमित मरीजों की मौत
पुणे में जीएसटी खुफिया महानिदेशालय की टीम ने 1196 करोड़ रुपये की बड़ी जीएसटी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। टीम को पुणे, दिल्ली, नोएडा और मुजफ्फरनगर में कई स्थानों पर तलाशी के दौरान फर्जी कंपनियों के नेटवर्क का पता चला, जो फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेनदेन में शामिल हैं। डीजीजीआई पुणे क्षेत्रीय इकाई ने कहा कि आरोपियों ने बिना किसी वैध व्यवसाय संचालन के फर्जी संस्थाएं स्थापित की थीं और असली व्यापार दिखाने के लिए नकली चालान और ई-वे बिल बनाए। इन ई-वे बिलों में कोई आरएफआईडी मूवमेंट नहीं था, जिससे माल की वास्तविक आपूर्ति के बारे में जानकारी नहीं मिली। नेटवर्क ने 1196 करोड़ रुपये के नकली आईटीसी का लाभ उठाने और उसे पास करने में मदद की। अफसरों ने बताया कि गिरफ्तार युवक मुजफ्फरनगर में एक निजी लिमिटेड फर्म का निदेशक और मास्टरमाइंड है। जांच में पता चला कि नेटवर्क ने पते, पहचान, ईमेल आईडी और फोन नंबरों का एक डाटाबेस बनाए रखा था। इसे नए जीएसटी पंजीकरण करने और पता लगाने से बचने के लिए घुमाया गया था। नई बनाई गई फर्मों में इस रिपॉजिटरी से निदेशक या प्रोपराइटर चुने गए थे, जिससे धोखेबाजों को अपनी अवैध गतिविधियों को जारी रखने की अनुमति मिली। कई स्थानों पर तलाशी के दौरान अधिकारियों को मूल चालान, वित्तीय रिकॉर्ड, कंपनी के टिकट और सील बरामद हुए, जो कई फर्जी फर्मों पर केंद्रीकृत नियंत्रण का संकेत देते हैं। जांच में अब तक 20 ऐसी फर्जी कंपनियों की पहचान की गई है, जिनका कोई वास्तविक व्यवसाय नहीं है। अधिकारियों ने एक धोखाधड़ी इकाई से जुड़े एक बैंक खाते को भी फ्रीज कर दिया है, और आगे की जांच जारी है।
शिवसेना (उद्धव) के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने बुधवार को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के अपने राजापुर निर्वाचन क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए पार्टी के उपनेता पद से इस्तीफा दे दिया। अटकलें लगाई जा रही हैं कि साल्वी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होंगे। अगर साल्वी अपनी पार्टी छोड़ते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के लिए एक झटका होगा। साल्वी 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शिवसेना के किरण सामंत से हार गए थे। इसके बाद से वह स्थानीय शिवसेना नेताओं के खिलाफ अपना असंतोष खुले तौर पर व्यक्त करते आए हैं और उन पर अपनी हार के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। साल्वी ने ठाकरे को लिखे पत्र में कहा कि वह विधानसभा चुनाव में अपनी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं। शिवसेना ने चुनावों में खराब प्रदर्शन किया और राज्य की 288 विधानसभा सीट में से केवल 20 सीट ही जीत पाई, जबकि शिंदे की शिवसेना ने 57 सीट जीतीं।