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Maharashtra: हेमंत पाटिल ने सांसद पद से इस्तीफा दिया, मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में फैसला
Sun, 29 Oct 2023 06:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 29 Oct 2023 06:28 PM IST
सार
खुद को मराठा समुदाय का एक कार्यकर्ता बताते हुए पाटिल ने कहा कि शिंदे ने मुंबई के आजाद मैदान में अपने दशहरा भाषण के दौरान समुदाय को आरक्षण का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस मुद्दे पर पूरे देश का ध्यान खींचने के लिए मैं दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मिलूंगा और अपना इस्तीफा दूंगा। पिछले कुछ दिनों में कई मराठा युवाओं ने इस कारण से आत्महत्या की है।
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Hemant patil
- फोटो : Social Media
विस्तार
महाराष्ट्र के हिंगोली से सांसद हेमंत पाटिल ने रविवार को सांसद पद से इस्तीफे का एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वह मराठा समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने के लिए इस्तीफा दे दे रहे हैं। दरअसल, नौकरियों और शिक्षा में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर राज्य में आंदोलन चल रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल पाटिल यवतमाल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। इससे पहले वहां मराठा समुदाय के आंदोलनकारी सदस्यों ने कथित तौर पर उनसे लोकसभा सदस्य के रूप में इस्तीफा देने का आग्रह किया था।
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खुद को मराठा समुदाय का एक कार्यकर्ता बताते हुए पाटिल ने कहा कि शिंदे ने मुंबई के आजाद मैदान में अपने दशहरा भाषण के दौरान समुदाय को आरक्षण का आश्वासन दिया था। हालांकि, इस मुद्दे पर पूरे देश का ध्यान खींचने के लिए मैं दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष से मिलूंगा और अपना इस्तीफा दूंगा। पिछले कुछ दिनों में कई मराठा युवाओं ने इस कारण से आत्महत्या की है।
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पाटिल ने कहा कि पद आएंगे और जाएंगे, लेकिन समुदाय हमेशा रहेगा। समुदाय की स्थिति आर्थिक और शैक्षणिक रूप से खराब हो गई है। इसलिए मराठों को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण मिलना चाहिए। बता दें कि मराठा समुदाय अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर राज्यभर में विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
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इससे पहले लोकसभा सांसद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता सुनील तटकरे ने कहा कि पूर्व में मराठा समुदाय को दिए गए आरक्षण और न्यायपालिका में उसके सामने आई मुश्किल को देखते हुए राज्य सरकार चाहती है कि समुदाय को कोटा इस तरह से दिया जाए जो कानूनी रूप से मजबूत हो।
तटकरे ने यह भी कहा कि शिवसेना, राकांपा (अजित पवार गुट) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महायुति राज्य में ‘मिशन 45प्लस’ के लिए काम कर रही है। सभी आश्वस्त हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी को महाराष्ट्र में 45 सीट मिलेंगी। उन्होंने कहा कि महायुति के घटकों के बीच सीटों का बंटवारा उचित तरीके से होगा और राज्य एवं केंद्र के नेता इसमें पक्षकार होंगे।
राकांपा नेता ने दोहराया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मैंने मराठा समुदाय को दिए आरक्षण और न्यायपालिका के समक्ष सामने आए मुद्दों का इतिहास देखा है। अजित पवार नीत राकांपा गुट के प्रदेश अध्यक्ष तटकरे ने कहा कि समुदाय द्वारा की जा रही आरक्षण की मांग न्यायोचित है और यह मिलनी चाहिए।
राकांपा नेता ने विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण के मुद्दे पर राज्य में सामने आ रही आत्महत्या की घटनाओं पर चिंतित है। राकांपा नेता ने बाद में मराठा नेताओं से मुलाकात की और आरक्षण के मुद्दे और सरकार के रुख पर चर्चा की।