{"_id":"5a26ddd94f1c1bc45b8ba508","slug":"maharashtra-s-80-percent-jobs-now-mandatory-for-the-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र की कंपनियों में अब 80 प्रतिशत नौकरियां भूमिपुत्रों के लिए अनिवार्य","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र की कंपनियों में अब 80 प्रतिशत नौकरियां भूमिपुत्रों के लिए अनिवार्य
सुरेंद्र मिश्र / मुंबई
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
राज ठाकरे 2
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई में हॉकर्स के खिलाफ मुहिम शुरू कर राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने परप्रांतीय बनाम मराठी मानुष मुद्दे को तूल दे दिया है। इसकी काट के लिए शिवसेना ने भी मराठी कार्ड खेलने की तैयारी की है। मंगलवार को शिवसेना नेता व राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र की कंपनियों में अब भूमिपुत्रों के लिए 80 फीसदी नौकरी अनिवार्य की जाएगी। इसका पालन न करने वाली कंपनियों को सरकार से मिलने वाली सुविधाएं रोक दी जाएगी।
मंगलवार को मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र की कंपनियों में 80 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय भूमिपुत्रों को मिलनी चाहिए। साल 1980 से महाराष्ट्र में यह कानून लागू है। लेकिन, इसका पालन नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों को नौकरी देने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति भी गठित की गई है। फिर भी कानून पर अमल होता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब इस पर अमल के लिए मंत्रालय में विशेष कक्ष बनाया जाएगा।
पढ़ें- राज ठाकरे ने दी धमकी, बुलेट ट्रेन की एक ईंट नहीं रखने देंगे
विज्ञापन
जिन कंपनियों में इस कानून का पालन नहीं होगा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं और मदद भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मांग की गई है। उन्होंने भी भूमिपुत्रों की नौकरी के लिए विशेष कक्ष बनाए जाने की मंजूरी दी है। यह विशेष कक्ष उद्योग व श्रम विभाग की ओर से संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा।
विज्ञापन
मंगलवार को मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र की कंपनियों में 80 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय भूमिपुत्रों को मिलनी चाहिए। साल 1980 से महाराष्ट्र में यह कानून लागू है। लेकिन, इसका पालन नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों को नौकरी देने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति भी गठित की गई है। फिर भी कानून पर अमल होता दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब इस पर अमल के लिए मंत्रालय में विशेष कक्ष बनाया जाएगा।
विज्ञापन
पढ़ें- राज ठाकरे ने दी धमकी, बुलेट ट्रेन की एक ईंट नहीं रखने देंगे
विज्ञापन
जिन कंपनियों में इस कानून का पालन नहीं होगा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं और मदद भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मांग की गई है। उन्होंने भी भूमिपुत्रों की नौकरी के लिए विशेष कक्ष बनाए जाने की मंजूरी दी है। यह विशेष कक्ष उद्योग व श्रम विभाग की ओर से संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा।