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Maharashtra Rains: जयंत पाटिल का राज्यपाल को पत्र, किसानों के मुद्दे पर विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की
Sun, 28 Sep 2025 03:26 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:26 PM IST
सार
Maharashtra Rains: महाराष्ट्र में शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने भारी बारिश और बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान पर चर्चा के लिए तीन दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। इसको लेकर उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि किसान और भूमिहीन कृषि मजदूर इस समय भारी संकट में हैं।
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जयंत पाटिल।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से राज्य में भारी बारिश और बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान पर चर्चा के लिए तीन दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। राज्यपाल को लिखे पत्र में पाटिल ने कहा कि इस साल राज्य में बारिश से भारी तबाही हुई है और पिछले हफ्ते में बारिश की तीव्रता और बढ़ गई है।
पत्र में उन्होंने लिखा, 'नदियां और नाले उफान पर हैं। खेत की मिट्टी कीचड़ में बदल गई है। जानवर मर गए हैं। कई लोग बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं और कई अपनी जान गंवा चुके हैं। राज्य में अफरातफरी मची हुई है।' बाढ़ प्रभावित गांवों का हाल जानने के लिए दौरे कर रहे पाटिल ने कहा कि किसानों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, फसलें ही नष्ट नहीं हुई हैं, बल्कि कई जगह उपजाऊ जमीन भी बह गई है। नुकसान इतना बड़ा है कि एक साल की मेहनत भी किसानों के काम नहीं आएगी। पाटिल ने मांग की कि संकट के इस समय में सरकार को ठोस मदद देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं दिख रहा है। इसलिए महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर स्थिति पर विस्तार से चर्चा कर तुरंत निर्णय लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बिना देरी बाढ़ प्रभावित भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए राहत अनुदान घोषित करना चाहिए। एक एक्स पोस्ट में पाटिल ने कहा कि उन्होंने पिछले दो दिनों में सोलापुर, धाराशिव और बीड़ जिलों के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया, जहां भूमिहीन कृषि मजदूरों को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार को तुरंत नुकसान का आकलन करना चाहिए और प्रभावितों को वित्तीय सहायता देनी चाहिए। भूमिहीन परिवार पूरी तरह से आजीविका से वंचित हो गए हैं। पिछले महीने भी बारिश के कारण नुकसान हुआ था और आने वाले हफ्तों में रोजगार के आसार कम हैं, इसलिए बिना देर किए पर्याप्त राहत अनुदान या भत्ता घोषित करना जरूरी है। शरद पवार गुट के नेता ने आगे कहा कि सरकार को किसानों, मजदूरों और आम जनता की मुश्किलों को गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर सहायता के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
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पत्र में उन्होंने लिखा, 'नदियां और नाले उफान पर हैं। खेत की मिट्टी कीचड़ में बदल गई है। जानवर मर गए हैं। कई लोग बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं और कई अपनी जान गंवा चुके हैं। राज्य में अफरातफरी मची हुई है।' बाढ़ प्रभावित गांवों का हाल जानने के लिए दौरे कर रहे पाटिल ने कहा कि किसानों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, फसलें ही नष्ट नहीं हुई हैं, बल्कि कई जगह उपजाऊ जमीन भी बह गई है। नुकसान इतना बड़ा है कि एक साल की मेहनत भी किसानों के काम नहीं आएगी। पाटिल ने मांग की कि संकट के इस समय में सरकार को ठोस मदद देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं दिख रहा है। इसलिए महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर स्थिति पर विस्तार से चर्चा कर तुरंत निर्णय लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बिना देरी बाढ़ प्रभावित भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए राहत अनुदान घोषित करना चाहिए। एक एक्स पोस्ट में पाटिल ने कहा कि उन्होंने पिछले दो दिनों में सोलापुर, धाराशिव और बीड़ जिलों के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया, जहां भूमिहीन कृषि मजदूरों को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार को तुरंत नुकसान का आकलन करना चाहिए और प्रभावितों को वित्तीय सहायता देनी चाहिए। भूमिहीन परिवार पूरी तरह से आजीविका से वंचित हो गए हैं। पिछले महीने भी बारिश के कारण नुकसान हुआ था और आने वाले हफ्तों में रोजगार के आसार कम हैं, इसलिए बिना देर किए पर्याप्त राहत अनुदान या भत्ता घोषित करना जरूरी है। शरद पवार गुट के नेता ने आगे कहा कि सरकार को किसानों, मजदूरों और आम जनता की मुश्किलों को गंभीरता से लेना चाहिए और समय पर सहायता के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।