{"_id":"6ae37b6ab72f07614b051d85","slug":"maharashtra-politics-fadnavis-shares-stage-with-uddhav-and-raj-thackeray-announces-cartoon-gallery-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र की राजनीति: फडणवीस ने उद्धव और राज ठाकरे के साथ साझा किया मंच, कार्टून गैलरी बनाने का किया एलान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र की राजनीति: फडणवीस ने उद्धव और राज ठाकरे के साथ साझा किया मंच, कार्टून गैलरी बनाने का किया एलान
Thu, 29 Oct 2026 10:29 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 29 Oct 2026 10:29 PM IST
सार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ मंच साझा किया। उन्होंने इसे राज्य की राजनीतिक परंपरा बताया और कार्टूनिस्टों के लिए विशेष गैलरी बनाने की पहल का एलान किया। फडणवीस ने उद्धव के साथ अपने पुराने संपर्क का भी जिक्र किया। ऐसे में सवाल है कि 2019 में भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेद क्यों बढ़े थे? क्या यह मुलाकात राजनीतिक संवाद का नया रास्ता खोल सकती है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विज्ञापन
उद्धव और राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने पर क्या बोले फडणवीस?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींचा। मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के साथ एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मंच साझा किया। इस दौरान फडणवीस ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का एक मंच पर आना महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए विशेष गैलरी बनाने की पहल करने का भी एलान किया।
उद्धव और राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने पर क्या बोले फडणवीस?
मुंबई में 75 कार्टूनिस्टों के काम और परिचय पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्राची हास्यरेषा’ के विमोचन कार्यक्रम में फडणवीस ने कहा कि कुछ लोगों को उन्हें उद्धव और राज ठाकरे के साथ मंच पर देखकर हैरानी हुई। हालांकि, उनके लिए यह कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता एक ही कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, साथ बैठ सकते हैं, हंस सकते हैं और चाय पी सकते हैं। फडणवीस के मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच बातचीत और मेलजोल महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा रहा है।
उद्धव ठाकरे से अपने पुराने संबंधों पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के साथ अपने पुराने संपर्क का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 तक जब भी उद्धव उन्हें बुलाते थे, वह उनसे मिलने चले जाते थे। उन्होंने कहा, “2019 के बाद उन्होंने मुझे नहीं बुलाया। मैं इंतजार कर रहा था।” मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच पहले रहे संपर्क की ओर इशारा करती है। हालांकि, कार्यक्रम में एक साथ मंच साझा करने को उन्होंने किसी राजनीतिक गठबंधन या समझौते से नहीं जोड़ा। उन्होंने जोर दिया कि अलग-अलग दलों के नेताओं का एक साथ कार्यक्रम में शामिल होना सामान्य बात है।
विज्ञापन
2019 में भाजपा और शिवसेना के बीच क्यों टूटा था गठबंधन?
भाजपा और अविभाजित शिवसेना लंबे समय तक महाराष्ट्र में सहयोगी दल रहे थे। लेकिन 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद पैदा हो गए। इसके बाद दोनों की राहें अलग हो गईं और वे एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए। ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक ही मंच पर नजर आना चर्चा का विषय बना। फडणवीस ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक संवाद की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि नेताओं के बीच बातचीत के रास्ते खुले रहने चाहिए।
मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए क्या योजना बनाई गई?
फडणवीस ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक विशेष गैलरी बनाने की पहल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए वह उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से भी सहयोग मांगेंगे। इस गैलरी में कार्टूनिस्टों की रचनाएं प्रदर्शित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्टून बनाने की कला को असाधारण बताते हुए कहा कि एक कार्टून भी उतना प्रभावी संदेश दे सकता है, जितना कोई संपादकीय विस्तार से समझाता है। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपने कार्टून देखकर बुरा मानने के बजाय उनका आनंद लेना चाहिए।
मराठी कार्टूनिस्टों और पुस्तक को लेकर क्या बोले फडणवीस?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठी कार्टूनिस्टों ने महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्ज करने के साथ राजनीतिक माहौल को भी अपने चित्रों के माध्यम से सामने रखा है। कार्टून असहमति और आलोचना जाहिर करने का माध्यम भी रहे हैं। फडणवीस ने पुस्तक के संकलन के लिए संपादक प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस संग्रह में पुराने कार्टूनों को उनके ऐतिहासिक संदर्भ के साथ सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने राज ठाकरे की कार्टून बनाने की कला का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर राज उनका कार्टून बनाएं, तो उनकी नाक बड़ी बनाएं।
विज्ञापन
उद्धव और राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने पर क्या बोले फडणवीस?
मुंबई में 75 कार्टूनिस्टों के काम और परिचय पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्राची हास्यरेषा’ के विमोचन कार्यक्रम में फडणवीस ने कहा कि कुछ लोगों को उन्हें उद्धव और राज ठाकरे के साथ मंच पर देखकर हैरानी हुई। हालांकि, उनके लिए यह कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता एक ही कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं, साथ बैठ सकते हैं, हंस सकते हैं और चाय पी सकते हैं। फडणवीस के मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं के बीच बातचीत और मेलजोल महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का हिस्सा रहा है।
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे से अपने पुराने संबंधों पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के साथ अपने पुराने संपर्क का जिक्र करते हुए कहा कि 2019 तक जब भी उद्धव उन्हें बुलाते थे, वह उनसे मिलने चले जाते थे। उन्होंने कहा, “2019 के बाद उन्होंने मुझे नहीं बुलाया। मैं इंतजार कर रहा था।” मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच पहले रहे संपर्क की ओर इशारा करती है। हालांकि, कार्यक्रम में एक साथ मंच साझा करने को उन्होंने किसी राजनीतिक गठबंधन या समझौते से नहीं जोड़ा। उन्होंने जोर दिया कि अलग-अलग दलों के नेताओं का एक साथ कार्यक्रम में शामिल होना सामान्य बात है।
विज्ञापन
2019 में भाजपा और शिवसेना के बीच क्यों टूटा था गठबंधन?
भाजपा और अविभाजित शिवसेना लंबे समय तक महाराष्ट्र में सहयोगी दल रहे थे। लेकिन 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद पैदा हो गए। इसके बाद दोनों की राहें अलग हो गईं और वे एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए। ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक ही मंच पर नजर आना चर्चा का विषय बना। फडणवीस ने इस घटनाक्रम को राजनीतिक संवाद की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि नेताओं के बीच बातचीत के रास्ते खुले रहने चाहिए।
मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए क्या योजना बनाई गई?
फडणवीस ने मुंबई में कार्टूनिस्टों के लिए एक विशेष गैलरी बनाने की पहल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए वह उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे से भी सहयोग मांगेंगे। इस गैलरी में कार्टूनिस्टों की रचनाएं प्रदर्शित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कार्टून बनाने की कला को असाधारण बताते हुए कहा कि एक कार्टून भी उतना प्रभावी संदेश दे सकता है, जितना कोई संपादकीय विस्तार से समझाता है। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपने कार्टून देखकर बुरा मानने के बजाय उनका आनंद लेना चाहिए।
मराठी कार्टूनिस्टों और पुस्तक को लेकर क्या बोले फडणवीस?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठी कार्टूनिस्टों ने महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्ज करने के साथ राजनीतिक माहौल को भी अपने चित्रों के माध्यम से सामने रखा है। कार्टून असहमति और आलोचना जाहिर करने का माध्यम भी रहे हैं। फडणवीस ने पुस्तक के संकलन के लिए संपादक प्रशांत कुलकर्णी और ग्रंथाली को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस संग्रह में पुराने कार्टूनों को उनके ऐतिहासिक संदर्भ के साथ सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने राज ठाकरे की कार्टून बनाने की कला का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर राज उनका कार्टून बनाएं, तो उनकी नाक बड़ी बनाएं।