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Maharashtra: पेंच रिजर्व में बाघ की मौत मामले में चार गिरफ्तार, लातूर में किसानों ने किया अनोखा प्रदर्शन
Sat, 14 Jan 2023 08:32 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sat, 14 Jan 2023 08:32 PM IST
सार
पेंच टाइगर रिजर्व के उप निदेशक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला ने कहा कि आज कथित अवैध शिकार के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक व्यक्ति को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया था।
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बाघ के शिकार मामले में हुई कार्रवाई
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पेंच रिजर्व में एक बाघ की मौत में कथित संलिप्तता के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी महाराष्ट्र वन विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को दी। विभाग की ओर से बताया गया कि बाघ का शव 12 जनवरी को रिजर्व के पौनी एकीकृत बफर रेंज में मिला था, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
पेंच टाइगर रिजर्व के उप निदेशक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला ने कहा कि आज कथित अवैध शिकार के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक व्यक्ति को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार पोस्टमार्टम किया गया। मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित, पेंच टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र में भी 257 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
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पेंच टाइगर रिजर्व के उप निदेशक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला ने कहा कि आज कथित अवैध शिकार के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक व्यक्ति को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार पोस्टमार्टम किया गया। मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित, पेंच टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र में भी 257 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
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लातूर में बिजली कंपनी के खिलाफ किसानों का अनोखा प्रदर्शन
वहीं, किसानों ने लातूर में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के खिलाफ आम तौर पर शादियों में पहने जाने वाले परिधानों में विरोध मार्च निकाला। घोड़े पर सवार कुछ प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को एमएसईडीसीएल के निलंगा कार्यालय के बाहर मीडिया को बताया कि उन्होंने 2018 में वितरण ट्रांसफार्मर (जिसे स्थानीय भाषा में डीपी कहा जाता है) के लिए भुगतान किया था, लेकिन उन्हें अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, '20 गांवों के किसानों को डीपी के भुगतान के बावजूद बिजली की कमी के कारण फसलों की सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जब हम देरी के बारे में जानने के लिए बिजली कंपनी के कार्यालय जाते हैं, तो अधिकारी हमसे बदतमीजी से बात करते हैं। इसलिए हमने इस तरह के विरोध का फैसला किया।'
विरोध का नेतृत्व उद्धव गुट के शिवसेना नेता लिम्बन रेशमे ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए।
वहीं, किसानों ने लातूर में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के खिलाफ आम तौर पर शादियों में पहने जाने वाले परिधानों में विरोध मार्च निकाला। घोड़े पर सवार कुछ प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को एमएसईडीसीएल के निलंगा कार्यालय के बाहर मीडिया को बताया कि उन्होंने 2018 में वितरण ट्रांसफार्मर (जिसे स्थानीय भाषा में डीपी कहा जाता है) के लिए भुगतान किया था, लेकिन उन्हें अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, '20 गांवों के किसानों को डीपी के भुगतान के बावजूद बिजली की कमी के कारण फसलों की सिंचाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जब हम देरी के बारे में जानने के लिए बिजली कंपनी के कार्यालय जाते हैं, तो अधिकारी हमसे बदतमीजी से बात करते हैं। इसलिए हमने इस तरह के विरोध का फैसला किया।'
विरोध का नेतृत्व उद्धव गुट के शिवसेना नेता लिम्बन रेशमे ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारियों को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए।