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Maharashtra: महा विकास अघाड़ी के घटक दल साथ लड़ सकते हैं निकाय चुनाव, शरद पवार का बड़ा बयान
Fri, 20 Jun 2025 12:23 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 20 Jun 2025 12:23 PM IST
सार
बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी को 46 सीटों से संतोष करना पड़ा था और भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब निकाय चुनाव में भी काफी कुछ दांव पर है।
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एनसीपी एसपी के प्रमुख शरद पवार
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
एनसीपी एसपी प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को कहा कि महा विकास अघाड़ी के घटक दल महाराष्ट्र में निकाय चुनाव साथ लड़ने पर विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में जल्द निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया है और इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। शरद पवार ने कहा कि 'अभी तक साथ चुनाव लड़ने को लेकर कांग्रेस के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है, हमारी पार्टी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी और शेतकारी कामगार पक्ष और अन्य पार्टियां साथ बैठकर गठबंधन में निकाय चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाश करेंगी। जल्द ही इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।'
मुंबई में भी साथ चुनाव लड़ने पर होगा विचार
जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या मुंबई में भी महा विकास अघाड़ी निकाय चुनाव साथ लड़ेगा? तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। पवार ने कहा कि 'मुंबई में उद्धव ठाकरे की शिवेसना यूबीटी का जनाधार सबसे मजबूत है और उनका इस बारे में क्या कहना है, उस पर भी विचार होगा।' अविभाजित शिवसेना का बीते दो दशकों से बीएमसी पर कब्जा है। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी को 46 सीटों से संतोष करना पड़ा था और भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब निकाय चुनाव में भी काफी कुछ दांव पर है।
ये भी पढ़ें- Maharashtra: कर्नाटक के साथ सीमा विवाद सुलझाएगी महाराष्ट्र सरकार, दोबारा गठित की उच्च स्तरीय समिति
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हिंदी को तीसरी भाषा बनाए जाने पर क्या बोले पवार
महाराष्ट्र में अंग्रेजी और मराठी माध्यम के स्कूलों में पहली से पांचवीं तक हिंदी को तीसरी भाषा बनाए जाने पर शरद पवार ने कहा कि इसे अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। एनसीपी एसपी प्रमुख ने कहा कि 'यह वैकल्पिक होना चाहिए। जो हिंदी चुनना चाहते हैं, वो हिंदी चुन सकते हैं। अगर 50-60 प्रतिशत जनसंख्या हिंदी बोलती है तो इसका मतलब ये नहीं है कि इस भाषा को सभी के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।' विपक्षी पार्टियां भाजपा पर राज्य में हिंदी थोपने का आरोप लगा रही हैं। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि ये मराठी भाषा और मराठी संस्कृति को खत्म करने की कोशिश है।
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मुंबई में भी साथ चुनाव लड़ने पर होगा विचार
जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या मुंबई में भी महा विकास अघाड़ी निकाय चुनाव साथ लड़ेगा? तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई चर्चा नहीं हुई है। पवार ने कहा कि 'मुंबई में उद्धव ठाकरे की शिवेसना यूबीटी का जनाधार सबसे मजबूत है और उनका इस बारे में क्या कहना है, उस पर भी विचार होगा।' अविभाजित शिवसेना का बीते दो दशकों से बीएमसी पर कब्जा है। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी को 46 सीटों से संतोष करना पड़ा था और भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 288 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब निकाय चुनाव में भी काफी कुछ दांव पर है।
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हिंदी को तीसरी भाषा बनाए जाने पर क्या बोले पवार
महाराष्ट्र में अंग्रेजी और मराठी माध्यम के स्कूलों में पहली से पांचवीं तक हिंदी को तीसरी भाषा बनाए जाने पर शरद पवार ने कहा कि इसे अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। एनसीपी एसपी प्रमुख ने कहा कि 'यह वैकल्पिक होना चाहिए। जो हिंदी चुनना चाहते हैं, वो हिंदी चुन सकते हैं। अगर 50-60 प्रतिशत जनसंख्या हिंदी बोलती है तो इसका मतलब ये नहीं है कि इस भाषा को सभी के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।' विपक्षी पार्टियां भाजपा पर राज्य में हिंदी थोपने का आरोप लगा रही हैं। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि ये मराठी भाषा और मराठी संस्कृति को खत्म करने की कोशिश है।
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