आर-पार की लड़ाई के विचार में अन्ना हजारे, अनशन से पहले मनाने पहुंचे मंत्री
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प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर से सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकने का मन बना चुके हैं। उन्होंने 23 मार्च से किसानों की मांगों को लेकर दिल्ली में करो या मरो का आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। उनके आंदोलन से पहले महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन उनसे मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने अन्ना हजारे से आग्रह किया है कि अपनी उम्र और स्वास्थ्य का ध्यान देते हुए वह आंदोलन न करें।
अन्ना हजारे से मुलाकात करने पहुंचे गिरीश महाजन ने कहा कि यह कोई छोटा मोटा मुद्दा नहीं है जो ऐसे ही हल कर लिया जाए। इसको सुलझाने में थोड़ा वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही नतीजे पर पहुंचेंगे। महाजन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अन्ना अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए अनशन पर नहीं बैठेंगे।
#Maharashtra minister Girish Mahajan met Anna Hazare in Ahmednagar ahead of the latter's call for 'Satyagraha' on issues of farmers from March 23. pic.twitter.com/JOTaD9tfva
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) 19 March 2018
वहीं अन्ना ने कहा कि जिस सूचना के अधिकार को हमने लड़कर बनवाया था, उस कानून को केंद्र की सरकार ने कमजोर कर दिया है। केंद्र की मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए समाजसेवी ने कहा कि इनके दिमाग में सत्ता और पैसे का खेल चल रहा है। इसलिए अब किसानों के हक के लिए दिल्ली से लड़ाई लड़ी जाएगी। 23 मार्च से करो या मरो का आंदोलन किया जाएगा।
अन्ना हजारे ने कहा कि आपको याद होगा कि हम लोगों ने 16 दिनों तक सिर्फ पानी पी कर अनशन किया था और आखिर में सरकार को झुकना पड़ा था। कानून तो बन गया लेकिन अब यह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। अन्ना ने कहा कि सरकार के नियंत्रण में जितने भी आयोग आते हैं, जैसे कि कृषि आयोग, नीति आयोग या फिर चुनाव आयोग, इन पर से सरकार का नियंत्रण खत्म किया जाना चाहिए और उन्हें संवैधानिक दर्जा दिया जाना चाहिए।