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Maratha quota: 'राज्य में घूमना मुश्किल कर देंगे', आरक्षण के लिए बनी शिंदे समिति के विरोध पर छगन भुजबल को धमकी
Mon, 27 Nov 2023 02:19 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 27 Nov 2023 02:19 PM IST
सार
छगन भुजबल महाराष्ट्र के एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं और उन पर मराठा आंदोलन का विरोध करने का आरोप लग रहा है। साथ ही उन्होंने मराठा आंदोलन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे मनोज जारांगे पर भी निशाना साधा।
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छगन भुजबल
- फोटो : PTI
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल को धमकी मिली है। दरअसल छगन भुजबल ने कहा है कि मराठाओं को आरक्षण देने के लिए गठित की गई शिंदे समिति को रद्द कर देना चाहिए। इसे लेकर भुजबल पर मराठा आरक्षण का विरोध करने का आरोप लग रहा है। अब भुजबल को धमकी मिली है। दरअसल एक मराठा संगठन का सदस्य सोमवार को भुजबल की गाड़ी तक पहुंच गया और उसने भुजबल से मराठा आरक्षण का विरोध ना करने को कहा। साथ ही उसने धमकी दी कि 'अगर भुजबल ने विरोध बंद नहीं किया तो उनका महाराष्ट्र में घूमना मुश्किल कर देंगे'।
भुजबल को मिली धमकी
दरअसल छगन भुजबल पुणे के सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। इसी दौरान सोमवार को स्वराज्य संगठन का सदस्य धनंजय जाधव गेस्ट हाउस में भुजबल की गाड़ी तक पहुंच गया और उसने नारेबाजी की। उसने भुजबल से मराठा आरक्षण का विरोध ना करने को कहा और ये भी कहा कि वह भुजबल की गाड़ी तो क्षतिग्रस्त कर सकता है लेकिन ऐसा नहीं करेगा। इसके बाद पुलिस ने धनंजय जाधव को हिरासत में लिया। इस दौरान भुजबल के समर्थकों ने भी नारेबाजी की। पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त गाड़ी में कोई नहीं था और वह गेस्ट हाउस में पार्क थी।
फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर आरक्षण लेने की कोशिश का आरोप
बता दें कि छगन भुजबल महाराष्ट्र के एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं और उन पर मराठा आंदोलन का विरोध करने का आरोप लग रहा है। साथ ही उन्होंने मराठा आंदोलन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे मनोज जारांगे पर भी निशाना साधा। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को कहा है कि मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए गठित की गई शिंदे समिति को रद्द करने की मांग की है। हालांकि शिंदे ने कहा कि वह मराठाओं को अलग आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस तरह से खुंबी सर्टिफिकेट लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं, वह इसके खिलाफ हैं।
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भुजबल बोले-ओबीसी के आरक्षण में नहीं होनी चाहिए कटौती
महाराष्ट्र सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस शिंदे की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली एक समिति गठित की है। यह समिति मराठा समुदाय के उन लोगों को खुंबी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया तय करेगी, जिन्हें निजाम के शासनकाल में खुंबी माना जाता था। खुंबी समुदाय कृषक वर्ग है, जो महाराष्ट्र में ओबीसी वर्ग के तहत आता है। मनोज जारांगे के नेतृत्व में मराठा समुदाय की मांग है कि मराठाओं को खुंबी सर्टिफिकेट जारी किए जाएं ताकि उन्हें ओबीसी वर्ग के तहत मिलने वाले आरक्षण का लाभ मिल सके। भुजबल का कहना है कि ओबीसी वर्ग को मिल रहे आरक्षण में कटौती करके मराठाओं को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
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भुजबल को मिली धमकी
दरअसल छगन भुजबल पुणे के सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। इसी दौरान सोमवार को स्वराज्य संगठन का सदस्य धनंजय जाधव गेस्ट हाउस में भुजबल की गाड़ी तक पहुंच गया और उसने नारेबाजी की। उसने भुजबल से मराठा आरक्षण का विरोध ना करने को कहा और ये भी कहा कि वह भुजबल की गाड़ी तो क्षतिग्रस्त कर सकता है लेकिन ऐसा नहीं करेगा। इसके बाद पुलिस ने धनंजय जाधव को हिरासत में लिया। इस दौरान भुजबल के समर्थकों ने भी नारेबाजी की। पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त गाड़ी में कोई नहीं था और वह गेस्ट हाउस में पार्क थी।
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फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर आरक्षण लेने की कोशिश का आरोप
बता दें कि छगन भुजबल महाराष्ट्र के एक प्रमुख ओबीसी नेता हैं और उन पर मराठा आंदोलन का विरोध करने का आरोप लग रहा है। साथ ही उन्होंने मराठा आंदोलन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे मनोज जारांगे पर भी निशाना साधा। महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने सोमवार को कहा है कि मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए गठित की गई शिंदे समिति को रद्द करने की मांग की है। हालांकि शिंदे ने कहा कि वह मराठाओं को अलग आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं लेकिन जिस तरह से खुंबी सर्टिफिकेट लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं, वह इसके खिलाफ हैं।
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भुजबल बोले-ओबीसी के आरक्षण में नहीं होनी चाहिए कटौती
महाराष्ट्र सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस शिंदे की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली एक समिति गठित की है। यह समिति मराठा समुदाय के उन लोगों को खुंबी सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया तय करेगी, जिन्हें निजाम के शासनकाल में खुंबी माना जाता था। खुंबी समुदाय कृषक वर्ग है, जो महाराष्ट्र में ओबीसी वर्ग के तहत आता है। मनोज जारांगे के नेतृत्व में मराठा समुदाय की मांग है कि मराठाओं को खुंबी सर्टिफिकेट जारी किए जाएं ताकि उन्हें ओबीसी वर्ग के तहत मिलने वाले आरक्षण का लाभ मिल सके। भुजबल का कहना है कि ओबीसी वर्ग को मिल रहे आरक्षण में कटौती करके मराठाओं को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।