फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   maharashtra maratha quota demand manoj jarange said special session can convene

Maharashtra: मराठा आरक्षण देने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग, जारांगे का सरकार पर बड़ा आरोप

Fri, 27 Oct 2023 03:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 27 Oct 2023 03:36 PM IST
सार

जारांगे ने कहा कि अगर सरकार इस दिशा में काम कर रही समिति के कार्यकाल को विस्तार देने का फैसला करती है तो इसका मतलब होगा कि सरकार मराठाओं को कोटा ना देने की साजिश रच रही है।  

विज्ञापन
maharashtra maratha quota demand manoj jarange said special session can convene
मनोज जारांगे - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को कोटा देने के लिए विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुला सकती है। मनोज जारांगे कोटा की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं और शुक्रवार को उनकी भूख हड़ताल का तीसरा दिन है। जारांगे ने सरकार पर ये भी आरोप लगाया कि अगर सरकार कोटा देने के लिए गठित की गई समिति का कार्यकाल बढ़ाती है तो इसका मतलब है कि वह कोटा नहीं देने की साजिश कर रही है।
विज्ञापन


जारांगे ने सरकार पर लगाए आरोप
मनोज जारांगे महाराष्ट्र के जालना जिले में अपने पैतृक गांव अंतरवाली साराती में भूख हड़ताल कर रहे हैं। वहीं पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मनोज जारांगे ने समुदाय को कोटा देने के लिए विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमने सरकार को 40 दिन का समय दिया था और साथ ही मराठा कोटा पर अपना पक्ष रखते हुए कई जरूरी सबूत भी सरकार को दिए थे। अब अगर सरकार इस दिशा में काम कर रही समिति के कार्यकाल को विस्तार देने का फैसला करती है तो इसका मतलब होगा कि सरकार मराठाओं को कोटा ना देने की साजिश रच रही है।  
विज्ञापन


विपक्षी नेताओं से की ये अपील
जारांगे ने विपक्षी और सत्ताधारी नेताओं से अपील की है कि वह उनसे मिलने उनके गांव ना आएं और अपने घरों पर रहें। जारांगे ने कहा कि नेताओं के आने से कानून व्यवस्था बिगड़ती है इससे अच्छा है कि वह अपनी-अपनी विधानसभाओं में मराठाओं को आरक्षण देने के लिए आवाज बुलंद करें। जारांगे ने सीएम शिंदे के दिल्ली दौरे पर तंज कसा और आरोप लगाया कि राज्य के प्रमुख नेताओं ने पीएम मोदी को महाराष्ट्र में आरक्षण के लिए हो रहे आंदोलन की जानकारी ही नहीं दी थी। उल्लेखनीय है कि जारांगे ने सितंबर में भी मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल की थी। यह विरोध प्रदर्शन 29 अगस्त को शुरू हुआ था और 14 सितंबर को सीएम शिंदे से मुलाकात के बाद खत्म हो गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएम से मुलाकात के बाद जारांगे ने 40 दिन की डेडलाइन तय की थी। वह डेडलाइन 24 अक्तूबर को समाप्त हो गई। अब जारांगे ने फिर से भूख हड़ताल शुरू कर दी है और कहा कि 29 अक्तूबर को आगे की रणनीति पर फैसला किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने रिटायर्ड जज संदीप शिंदे की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यों की समिति गठित की है, जो राज्य में मराठा आरक्षण पर सरकार को सुझाव देगी। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed