महाराष्ट्र कड़कनाथ घोटाला : किसानों से करोड़ों की धोखाधड़ी में मामले दर्ज, चार गिरफ्तार
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महाराष्ट्र में कई जिलों के किसानों ने एक पॉल्ट्री फॉर्म के खिलाफ उन्हें ‘कड़कनाथ’ प्रजाति के मुर्गे पैदा करने में सहयोग करने के बहाने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने को लेकर मामले दर्ज कराए हैं। इसके बाद कंपनी के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मुर्गे की यह प्रजाति मध्य भारत के कुछ हिस्सों में खासतौर पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में खासी लोकप्रिय है। इसे इसके पोषण और चिकित्सकीय मूल्यों की वजह से जाना जाता है। इस प्रजाति का एक किलोग्राम चिकन 900 रुपये तक का बिकता है।
किसानों का आरोप, दोषियों का एक नेता से संबंध
किसानों का आरोप है कि महारायत एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कड़कनाथ प्रजाति के चूजों की संख्या बढ़ाने और बाद में मुर्गों को खरीदने की कारोबारी योजना के नाम पर भारी-भरकम निवेश कराया। कंपनी का मुख्यालय सांगली में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में दोषियों का संबंध एक राजनेता से है।
घोटाले की असली रकम का पता लगा रही पुलिस
पुणे के दत्तावाड़ी थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक शंकर सालगर ने पीटीआई को बताया कि अभी तक कंपनी के खिलाफ सांगली, सतारा, पुणे, कोल्हापुर, पालघर, नासिक और औरंगाबाद में कई मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस अभी इस मामले में घोटाले की रकम का पता लगा रही है।
वहीं स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने दावा किया कि किसानों को करीब 550 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। उन्होंने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की।
पुणे पुलिस ने सांगली स्थित कंपनी के संस्थापक निदेशक सुधीर मोहिते और अन्य निदेशकों-हनुमंत जगदाले और संदीप मोहिते के खिलाफ कथित तौर पर 100 से अधिक किसानों को तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने के घोटाले के सिलसिले में इस महीने की शुरूआत में मामला दर्ज किया था।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इसी तरह सांगली के इस्लामपुर थाने में भी कंपनी के निदेशकों के खिलाफ किसानों को करीब 4.5 करोड़ रुपये का चूना लगाने का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता नीलेश अंबेडे ने आरोप लगाया कि उन्होंने कंपनी की योजना में ढाई लाख रुपये का निवेश किया था लेकिन उन्हें वादे के अनुसार चूजे नहीं दिए गए।