{"_id":"58225bea4f1c1bf77eb394cd","slug":"maharashtra-ig-threatened-of-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र के आईजी ने दी आत्महत्या की धमकी, व्हाट्सएप संदेश वायरल","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र के आईजी ने दी आत्महत्या की धमकी, व्हाट्सएप संदेश वायरल
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
Updated Wed, 09 Nov 2016 04:42 AM IST
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महाराष्ट्र पुलिस के एक आईजी विट्ठल जाधव ने खुदकुशी करने की धमकी दी है। उन्होंने मराठा होने के तंज से आहत होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात की है। अमरावती विभाग के आईजी विट्ठल जाधव की इस धमकी से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
आईजी जाधव ने अपने व्हाट्सएप संदेश में लिखा है कि राज्य के डीजीपी सतीश माथुर उन्हें मराठा होने के कारण परेशान कर रहे हैं जिससे तंग आकर वह खुदकुशी करने वाले हैं और इसके लिए पूरी तरह से डीजीपी जिम्मेदार होंगे।
उनके इस व्हाट्सएप संदेश के वायरल होने के बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। चर्चा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव केपी बक्शी और डीजीपी सतीश माथुर से आईजी के व्हाट्सएप संदेश की सच्चाई के बारे में जानकारी ली। वही, यह भी कहा जा रहा है कि जातिवादी टिप्पणी करने के लिए आईजी जाधव पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
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पुलिस के सूत्रों की माने तो आईजी जाधव अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से नहीं निभा रहे हैं। बीते दिनों बुलढाणा में आदिवासी नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार की घटना सामने आने के बाद उन्होंने लापरवाही बरती। इसके अलावा उन पर अमरावती इलाके की कुछ घटनाओं में लापरवाही बरतने की भी शिकायतें है।
यही वजह है कि उन्हें विभाग की ओर से सचेत किया गया था। लेकिन, उन्होंने उल्टे डीपीजी पर ही गंभीर आरोप लगा दिए हैं। राज्य के गृहराज्य मंत्री दीपक केसरकर ने भी जाधव के कदम को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि विभागीय परेशानी के बारे में व्हाट्सएप के जरिए संदेश फैलाना उचित नहीं है।
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आईजी जाधव ने अपने व्हाट्सएप संदेश में लिखा है कि राज्य के डीजीपी सतीश माथुर उन्हें मराठा होने के कारण परेशान कर रहे हैं जिससे तंग आकर वह खुदकुशी करने वाले हैं और इसके लिए पूरी तरह से डीजीपी जिम्मेदार होंगे।
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उनके इस व्हाट्सएप संदेश के वायरल होने के बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। चर्चा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव केपी बक्शी और डीजीपी सतीश माथुर से आईजी के व्हाट्सएप संदेश की सच्चाई के बारे में जानकारी ली। वही, यह भी कहा जा रहा है कि जातिवादी टिप्पणी करने के लिए आईजी जाधव पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
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पुलिस के सूत्रों की माने तो आईजी जाधव अपनी जिम्मेदारी ठीक तरह से नहीं निभा रहे हैं। बीते दिनों बुलढाणा में आदिवासी नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार की घटना सामने आने के बाद उन्होंने लापरवाही बरती। इसके अलावा उन पर अमरावती इलाके की कुछ घटनाओं में लापरवाही बरतने की भी शिकायतें है।
यही वजह है कि उन्हें विभाग की ओर से सचेत किया गया था। लेकिन, उन्होंने उल्टे डीपीजी पर ही गंभीर आरोप लगा दिए हैं। राज्य के गृहराज्य मंत्री दीपक केसरकर ने भी जाधव के कदम को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि विभागीय परेशानी के बारे में व्हाट्सएप के जरिए संदेश फैलाना उचित नहीं है।