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Maharashtra: पूर्व NCP विधायक को धन दुरुपयोग मामले में मिली जमानत, फिर भी नहीं किया गया रिहा
Sat, 08 Jul 2023 12:19 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:19 PM IST
सार
परभानी पुलिस ने कदम और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इस घोटाले से संबंधित मुख्य मामला उपनगरीय दहिसर पुलिस स्टेशन में साल 2015 में दर्ज किया गया था।
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Ramesh Kadam
- फोटो : Social Media
विस्तार
मुंबई की एक विशेष अदालत ने पूर्व राकांपा विधायक रमेश कदम को महाराष्ट्र सरकार के साहित्यरत्न लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे विकास निगम (एसएएसडीसी) में धन के दुरुपयोग के मामले में जमानत दे दी है। हालांकि, कदम को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, क्योंकि वह एक अन्य मामले में भी आरोपी हैं और साल 2015 से ही जेल में बंद हैं।
विशेष अदालत के जज आरएन रोकड़े ने उन्हें एसएएसडीसी मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी। एसएएसडीसी की स्थापना पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। कदम और अन्य आरोपियों के ऊपर झूठे दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से 3,30,00,000 रुपये की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप था।
परभानी पुलिस ने कदम और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इस घोटाले से संबंधित मुख्य मामला उपनगरीय दहिसर पुलिस स्टेशन में साल 2015 में दर्ज किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कदम को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मुख्य अपराध में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। इस मामले में अब तक अभियोजन पक्ष के द्वारा हाई कोर्ट में अपील नहीं की गई है।
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विशेष अदालत के जज आरएन रोकड़े ने उन्हें एसएएसडीसी मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी। एसएएसडीसी की स्थापना पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। कदम और अन्य आरोपियों के ऊपर झूठे दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से 3,30,00,000 रुपये की राशि का दुरुपयोग करने का आरोप था।
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परभानी पुलिस ने कदम और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इस घोटाले से संबंधित मुख्य मामला उपनगरीय दहिसर पुलिस स्टेशन में साल 2015 में दर्ज किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कदम को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मुख्य अपराध में बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। इस मामले में अब तक अभियोजन पक्ष के द्वारा हाई कोर्ट में अपील नहीं की गई है।
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