बयान: भाजपा सरकार ने नाम बदलकर टेप कराए फोन, अजीत पवार बोले- बेबुनियाद नहीं नाना पटोले के आरोप
कांग्रेस नेता नाना पटोले के फोन टेप करने का मामला तूल पकड़ा जा रहा है। गृहमंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कांग्रेस नेता के आरोपों को सही बताया है। बता दें पटोले ने फड़णवीस सरकार पर फोन टेप का आरोप लगया था।
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कांग्रेस नेता नाना पटोले के फोन टेपिंग वाले आरोपों को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि नाना पटोले ने जो शिकायत की है उसमें दम है। अगर वह कह रहे हैं कि भाजपा ने उनका फोन टेप किया तो इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। अजीत पवार ने कहा कि अगर कोई अपने निजी फायदे के लिए राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों के फोन टैप कर रहा है तो यह पूरी तरह गलत है। यह कानून के खिलाफ है। झूठे नाम देकर राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों की फोन टेपिंग की गई, नाना पटोले के मामले में भी ऐसा हुआ है। हालांकि, अजीत पवार ने कहा कि अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए किया गया है तो ठीक है, लेकिन निजी फायदे के लिए है तो गैर कानूनी है।
भाजपा ने किया पलटवार
महाराष्ट्र के भाजपा विधायक आशीष शेलार ने पूछा कि प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले को पूर्ववर्ती देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ फोन टैपिंग के आरोप लगाने के लिए करीब दो साल का वक्त क्यों लगा, जबकि राज्य में महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार नवंबर 2019 में ही बन गई थी। कांग्रेस उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तीन दलों की एमवीए सरकार का हिस्सा है।
तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी समिति
बता दें कि महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार ने फड़णवीस के कार्यकाल में हुई फोन टेपिंग की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई है। दरअसल, कांग्रेस नेता नाना पटोले ने विधानसभा सत्र के दौरान आरोप लगाए थे कि देवेंद्र फड़णवीस सरकार में उनके फोन टैप किए गए थे। इन आरोपों पर गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने जांच के आदेश दिए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पाण्डेय के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। समिति मामले की जांच करेगी और तीन महीने में विधानसभा को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आदेश में कहा गया है, ‘‘अगर फोन पर निगरानी रखना राजनीति से प्रेरित पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।’’
फड़णवीस सरकार पर फोन टैप कराने का आरोप
राज्य के खुफिया विभाग के आयुक्त और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) इस तीन सदस्यीय समिति का हिस्सा होंगे। इस हफ्ते राज्य विधानसभा के दो दिवसीय मानसून सत्र के दौरान गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने सदन में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की थी। पटोले का आरोप है कि 2016-17 के दौरान उनका फोन टैप किया गया जब वह संसद के सदस्य थे और देवेंद्र फड़णवीस सरकार का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका फोन इस आड़ में टैप किया गया कि यह मादक पदार्थ के तस्कर अमजद खान का नंबर है।
पटोले ने जब सदन में इस मुद्दे को उठाया तो कई सदस्यों ने उच्च स्तरीय जांच कराने का समर्थन किया। पटोले विदर्भ क्षेत्र के भंडारा क्षेत्र में सकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पहले कांग्रेस छोड़ दी थी और भाजपा के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फड़णवीस के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए 2017 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौट आए थे।