फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra Contradiction in Shinde camp arguments on Shiv Sena constitution Thackeray faction told EC

Maharashtra Politics: 'शिवसेना के संविधान पर शिंदे खेमे की दलीलों में विरोधाभास', EC से  बोला ठाकरे गुट

Tue, 17 Jan 2023 10:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 17 Jan 2023 10:42 PM IST
सार

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग को पार्टी के चुनाव चिह्न पर तब तक फैसला नहीं करना चाहिए, जब तक कि उच्चतम न्यायालय शिंदे नेतृत्व वाले खेमे के 16 बागी विधायकों की अयोग्यता पर अपना फैसला नहीं दे देता। राउत ने कहा कि शिवसेना में कोई फूट नहीं है।

विज्ञापन
Maharashtra Contradiction in Shinde camp arguments on Shiv Sena constitution Thackeray faction told EC
उद्धव ठाकरे - फोटो : PTI

विस्तार

पार्टी के संशोधित संविधान में खामियों पर शिवसेना के एकनाथ शिंदे खेमे की ओर से रखी गई दलीलें विरोधाभासों से भरी हैं। यह बात शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने मंगलवार को चुनाव आयोग से कही। ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग से संगठन के नियंत्रण से जुड़े एक मामले में अपनी दलीलें पूरी करने के लिए और समय मांगा। अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी। निर्वाचन सदन में सुनवाई के बाद उद्धव गुट के अनिल देसाई ने बताया कि शिंदे खेमे ने कहा था कि उद्धव ठाकरे की ओर से बदला गए पार्टी के संविधान में त्रुटियां थीं। और उन्होंने ही बाद में दावा किया कि उसी संविधान के प्रावधानों के तहत शिंदे को पार्टी का 'प्रमुख नेता' नियुक्त किया गया था। उनकी दलीलों में विरोधाभास था।

विज्ञापन


महाराष्ट्र ने 1.36 लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर किया
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक से इतर महाराष्ट्र ने मात्र दो दिन में वैश्विक निवेशकों के साथ 1.36 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि सब्सिडी का वादा, तेजी से मंजूरियां और एक बेहतर सड़क ढांचे ने उनके राज्य में निवेशकों को लाने में ‘चुंबक’ का काम किया है। डब्ल्यूईएफ की सालाना बैठक में भाग लेने आए शिंदे ने कहा कि उन्होंने केवल दो दिन में कई संभावित निवेशकों से मुलाकात की है, जिन्होंने राज्य में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। ये निवेशक अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए जल्द मुंबई जाने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन


चुनाव आयोग से संजय राउत ने की यह अपील
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि चुनाव आयोग को पार्टी के चुनाव चिह्न पर तब तक फैसला नहीं करना चाहिए, जब तक कि उच्चतम न्यायालय शिंदे नेतृत्व वाले खेमे के 16 बागी विधायकों की अयोग्यता पर अपना फैसला नहीं दे देता। राउत ने कहा कि शिवसेना में कोई फूट नहीं है। शिवसेना के सिंबल पर जीत हासिल करने वाले टूट गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी में विभाजन है। यह कथित विभाजन मृगतृष्णा जैसा है। कुछ विधायक और सांसद चले गए हैं, लेकिन पार्टी बरकरार है। जब तक शीर्ष अदालत विधायकों की अयोग्यता पर अपना फैसला सुनाती है, तब तक चुनाव आयोग को इस मामले (चुनाव चिन्ह) पर फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट 14 फरवरी से करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह 14 फरवरी को याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई शुरू करेगा, जिसमें शिंदे खेमे के 16 शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग भी शामिल है, जो शिवसेना के विभाजन से उत्पन्न महाराष्ट्र राजनीतिक संकट से संबंधित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed