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महाराष्ट्र निकाय चुनाव: विजेता बनकर उभरी भाजपा, खाता भी न खोल पाई कांग्रेस
Updated Sat, 18 Mar 2017 12:07 AM IST
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में शिवसना भले ही तीन सीटों के अंतर से भाजपा से आगे हो लेकिन महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा ही असली विजेता बनकर सामने आई है। मतगणना के रुझानों में कुल 10 नगर निकायों में से 8 नगर निकायों पर भाजपा ने जीत हासिल की है। वहीं लगभग 22 साल के गठबंधन के बाद भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ रही शिवसेना के खाते में सिर्फ 2 नगर निकाय आए हैं।
विपक्षी पार्टियों का हाल और भी बुरा है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और एनसीपी को किसी भी निकाय में जीत नसीब हुई । यहां तक की एनसीपी के गढ़ पुणे में भी भाजपा ने जीत हासिल की। बीएमसी चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरुपम ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बीएमसी चुनाव के परिणाम में शिवसेना जरूर 3 सीटों को अंतर से भाजपा से आगे है लेकिन भाजपा यहां भी कमतर नहीं दिख रही हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां पिछली बार बीएमसी चुनाव में भाजपा को महज 31 सीटें मिली थी वहीं इस बार भाजपा अभी तक 81 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा यहां भी शिवसेना को कड़ी टक्कर देती दिख रही है।
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महाराष्ट्र नगर निकाय के चुनाव को मिनी विधानसभा चुनाव के तौर पर देखा जा रहा था। भाजपा के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण थे क्योंकि 22 सालों बाद शिवसेना से अलग होकर चुनाव लड़ रही भाजपा ने लगभग 200 सीटों पर पहली बार उम्मीदवार उतारे थे। ऐसे में पार्टी को मिली यह सफलता भाजपा के साथ-साथ मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के लिए भी किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं।
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विपक्षी पार्टियों का हाल और भी बुरा है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और एनसीपी को किसी भी निकाय में जीत नसीब हुई । यहां तक की एनसीपी के गढ़ पुणे में भी भाजपा ने जीत हासिल की। बीएमसी चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरुपम ने पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
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बीएमसी चुनाव के परिणाम में शिवसेना जरूर 3 सीटों को अंतर से भाजपा से आगे है लेकिन भाजपा यहां भी कमतर नहीं दिख रही हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां पिछली बार बीएमसी चुनाव में भाजपा को महज 31 सीटें मिली थी वहीं इस बार भाजपा अभी तक 81 सीटों पर जीत हासिल की है। भाजपा यहां भी शिवसेना को कड़ी टक्कर देती दिख रही है।
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महाराष्ट्र नगर निकाय के चुनाव को मिनी विधानसभा चुनाव के तौर पर देखा जा रहा था। भाजपा के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण थे क्योंकि 22 सालों बाद शिवसेना से अलग होकर चुनाव लड़ रही भाजपा ने लगभग 200 सीटों पर पहली बार उम्मीदवार उतारे थे। ऐसे में पार्टी को मिली यह सफलता भाजपा के साथ-साथ मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के लिए भी किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं।