{"_id":"699d5393d0c8499c5705163e","slug":"maharashtra-chief-minister-raises-awareness-about-digital-arrest-says-there-is-no-such-thing-in-the-law-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने लोगो को डिजिटल अरेस्ट के प्रति किया जागरुक: कहा कानून में ऐसा कुछ नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने लोगो को डिजिटल अरेस्ट के प्रति किया जागरुक: कहा कानून में ऐसा कुछ नहीं
Tue, 24 Feb 2026 01:00 PM IST
संध्या
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
Published by: संध्या
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:00 PM IST
सार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है और यह साइबर फ्रॉड है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने, 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत करने और फर्जी कॉल या वीडियो कॉल से बचने की अपील की।
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस, सीएम, महाराष्ट्र
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज विधानसभा में डिजिटल अरेस्ट को लेकर को लेकर बयान देते हुए इसे फ्रॉड बताया। उन्होंने इसे कानूनी तौर पर गलत बताया और लोगों से इससे बचने की अपील की। उन्होंने प्रश्नकाल में सपा नेता अबू आजमी के मुद्दे पर दखल देते हुए कहा कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पीड़ित साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट हेल्पलाइन 1930 पर गोल्डन आवर के अंदर करते हैं, तो लगभग 90 प्रतिशत पैसा वापस मिल सकता है। फडणवीस ने कहा, मैं नागरिकों को बताना चाहता हूं कि कानून में डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज़ नहीं है। अगर आपको कोई फ़ोन कॉल या वीडियो कॉल आता है जिसमें कहा जाता है कि आप डिजिटल अरेस्ट में हैं... तो समझ लें कि यह एक फ्रॉड है और 1930 (साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर) पर रिपोर्ट करें।
सीएम ने बाताया कि फ्रॉड करने वाले खुद को पुलिस, सीबीआई या कस्टम का अधिकारी बताता है। वह आपको ड्रग्स केस या किसी आपराधिक घटना में आपका नाम आमे की जानकारी देकर डराता है। इस तरह आपको डिजिटल अरेस्ट कर लिया जाता है। पीड़ित को स्क्रीन के सामने से हटने के लिए मना किया जाता है। डरे हुए लोग फ्रॉ़ करने वाले को पैसे भेज देते हैं।
विज्ञापन
ऐसे फ्रॉड के मामलों में, मास्टरमाइंड विदेश में होता है, उन देशों में जिनके साथ भारत की कोई ट्रीटी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मनी ट्रांसफ़र दूसरे देशों के बैंक अकाउंट में भेजे जाते हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर पीड़ित साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट हेल्पलाइन 1930 पर गोल्डन आवर के अंदर करते हैं, तो लगभग 90 प्रतिशत पैसा वापस मिल सकता है। फडणवीस ने कहा, मैं नागरिकों को बताना चाहता हूं कि कानून में डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई चीज़ नहीं है। अगर आपको कोई फ़ोन कॉल या वीडियो कॉल आता है जिसमें कहा जाता है कि आप डिजिटल अरेस्ट में हैं... तो समझ लें कि यह एक फ्रॉड है और 1930 (साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर) पर रिपोर्ट करें।
विज्ञापन
सीएम ने बाताया कि फ्रॉड करने वाले खुद को पुलिस, सीबीआई या कस्टम का अधिकारी बताता है। वह आपको ड्रग्स केस या किसी आपराधिक घटना में आपका नाम आमे की जानकारी देकर डराता है। इस तरह आपको डिजिटल अरेस्ट कर लिया जाता है। पीड़ित को स्क्रीन के सामने से हटने के लिए मना किया जाता है। डरे हुए लोग फ्रॉ़ करने वाले को पैसे भेज देते हैं।
विज्ञापन
ऐसे फ्रॉड के मामलों में, मास्टरमाइंड विदेश में होता है, उन देशों में जिनके साथ भारत की कोई ट्रीटी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मनी ट्रांसफ़र दूसरे देशों के बैंक अकाउंट में भेजे जाते हैं।