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महाराष्ट्र: स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 61 से बढ़ाकर 62 साल की गई
Wed, 14 Jul 2021 09:35 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 14 Jul 2021 09:35 PM IST
सार
महाराष्ट्र कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कि सेवानिवृत्ति की आयु को 61 साल से बढ़ाकर 62 साल करने वाले प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
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महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे
- फोटो : ट्विटर
विस्तार
महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए बढ़ा फैसला लिया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि कैबिनेट ने उस प्रस्ताव को अनुमति दे दी जिसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 61 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की सिफारिश की गई थी।
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Maharashtra Cabinet today approved a proposal to extend the age limit for the retirement of Health Department officials from 61 years to 62 years: State Health Minister Rajesh Tope pic.twitter.com/JTFB3iq0kJ
— ANI (@ANI) July 14, 2021विज्ञापन
टोपे ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर राज्य सरकार ने सिविल सर्जनों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष के बाद सेवा में दो साल तक का विस्तार देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल ने दिन में यहां हुई अपनी बैठक के दौरान मंजूरी दी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की।
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स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की वर्तमान आयु 60 वर्ष है। हालांकि, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सिविल सर्जनों को पहले महामारी की स्थिति के कारण एक वर्ष के लिए विस्तार दिया गया था।
इस कदम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। टोपे ने कहा, ‘राज्य मंत्रिमंडल ने जन स्वास्थ्य विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों, सिविल सर्जनों को सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव को आज मंजूरी दे दी।’
इस कदम के बारे में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'इसका मतलब है कि इस साल 62 वर्ष की आयु का अधिकारी मौजूदा वर्ष में ही सेवा से सेवानिवृत्त हो जाएगा। लेकिन जिन अधिकारियों को पहले 60 साल की उम्र के बाद एक साल का विस्तार दिया गया था, उन्हें एक और साल के लिए विस्तार मिलेगा और 62 साल की उम्र में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।'
टोपे ने स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के बारे में बात करते हुए कहा, 'राज्य में पिछले सप्ताह 899 पदों पर भर्ती की गई है। चिकित्सकों और विशेषज्ञों के कम से कम 1000 पदों को भरने के लिए अगले चार दिनों में नए सिरे से विज्ञापन दिया जाएगा। समूह सी और डी की लिखित परीक्षा के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच कर रही पुलिस की लंबित रिपोर्ट प्राप्त हुई है। राज्य सरकार पदों को भरने के लिए उचित कदम उठाएगी।'
कोविड-19 के प्रतिदिन मामलों के 6,000 से कम नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, 'राज्य में पिछले एक महीने से दैनिक आधार पर लगभग 6000 से 8000 मामले आ रहे है। हालांकि, राज्य में एक लाख चार सक्रिय मामलों में से 92 फीसदी अकेले 10 जिलों में हैं।’
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने साहसिक पर्यटन नीति को मंजूरी दी
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को एक नीति को मंजूरी प्रदान कर दी। इस संबंध में एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि साहसिक पर्यटन गतिविधियों में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जमीनी, हवाई और जलीय गतिविधियां शामिल होंगी। विज्ञप्ति में कहा गया कि साहसिक पर्यटन नीति को मंजूरी देने का निर्णय मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया।
इसमें कहा गया कि इस तरह की गतिविधियों के आयोजकों को शुरुआत में अस्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल करना होगा और अंतिम प्रमाणपत्र सभी सुरक्षा उपाय किए जाने के बाद ही जारी किया जाएगा। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर इस बारे में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश उपलब्ध होंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करनेवाले कर्मियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन श्रेणी संशोधन के लिए नियमों को अंतिम रूप देने के लिए भी नीतिगत निर्णय किया। संशोधित वेतन श्रेणी एक जुलाई से प्रभाव में आएगी।
इसमें कहा गया कि इस तरह की गतिविधियों के आयोजकों को शुरुआत में अस्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र हासिल करना होगा और अंतिम प्रमाणपत्र सभी सुरक्षा उपाय किए जाने के बाद ही जारी किया जाएगा। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर इस बारे में जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश उपलब्ध होंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करनेवाले कर्मियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन श्रेणी संशोधन के लिए नियमों को अंतिम रूप देने के लिए भी नीतिगत निर्णय किया। संशोधित वेतन श्रेणी एक जुलाई से प्रभाव में आएगी।