मराठा आरक्षण : 1 दिसंबर को खुशखबरी दे सकती है फडणवीस सरकार, पिछड़ा वर्ग आयोग ने सौंपी रिपोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मराठा समुदाय को आरक्षण मिलने का रास्ता अब साफ हो चुका है। पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्टतौर पर इसके संकेत दिये हैं। सीएम फडणवीस ने गुरुवार को अहमदनगर रैली के दौरान कहा, 'हमें अल्पसंख्यक आयोग से मराठा आरक्षण पर रिपोर्ट मिली है। मैं आप सभी से निवोदन करता हूं कि 1 दिसंबर को जश्न मनाने के लिए तैयार रहें।'
We have received report on Maratha reservation from Backwards Commission. I request all of you to prepare to celebrate on December 1: Maharashtra CM Devendra Fadnavis at a rally in Ahmednagar pic.twitter.com/MxsJ4zYf9B
— ANI (@ANI) November 15, 2018विज्ञापन
बता दें कि इससे पहले, महाराष्ट्र के राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने फडणवीस सरकार को मराठा समुदाय के सामाजिक और आर्थिक हालात पर अपनी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में मराठों को 16 फीसद आरक्षण देने की सिफारिश की गई। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि महाराष्ट्र में 30 प्रतिशत आबादी मराठों की है, इस वजह से उनको सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिये जाने की आवश्यकता है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि मराठों को आरक्षण देने के दौरान ओबीसी कोटे में कोई बदलाव नहीं किया जाए। बता दें कि अगर सरकार इस आरक्षण को लागू कर देती है तो राज्य में सभी श्रेणी को मिलाकर कुल 68 फीसदी आरक्षण हो जाएगा, जबकि वर्तमान में राज्य में 52 प्रतिशत आरक्षण है।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग के चेयरमैन जस्टिस (सेवानिवृत्त) एनजी गायकवाड़ राज्य के मुख्य सचिव डीके जैन को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपा। वहीं अकोला में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण देने के लिए सभी कानूनी औपचारिकताओं को नवंबर के अंत तक पूरा कर लेगी।
उल्लेखनीय है कि यह समुदाय पिछले कुछ सालों से अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहा है। पिछले दिनों मराठा आंदोलन के दौरान काफी तोड़फोड़ देखने को मिली थी, जिसमें करोड़ों रूपयों का सरकारी नुकसान हुआ था। वहीं सरकारी नौकरियों तथा शिक्षण संस्थाओं में 16 फीसदी आरक्षण की मांग को कुछ लोगों के आत्महत्या करने के मामले भी सामने आ चुके हैं।