Maharashtra: 'स्थानीय नेता नाकाम, बदलाव जरूरी', पुणे के विकास को लेकर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने उठाए सवाल
पुणे में पानी, सड़क और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य ने फंड दिया, लेकिन स्थानीय नेतृत्व ने सही इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि शहर में बदलाव और मजबूत प्रशासन जरूरी है।
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महाराष्ट्र के पुणे में विकास की रफ्तार को लेकर कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में अब महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। रविवार को उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने शहर के लिए भारी फंड दिया, लेकिन स्थानीय नेतृत्व ने इसका सही इस्तेमाल नहीं किया। पवार ने शहर में पानी की कमी, कूड़ा, खराब सड़कें और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं पर चिंता जताई। साथ दी शहर में बदलाव की आवश्यकता बताई।
बता दें कि पवार ने ये बातें पुणे के बानेर इलाके में एक रैली के दौरान कही, जो पुणे नगर निगम चुनाव से पहले आयोजित की गई थी। उन्होंने इसे शहर के विकास में कमी का कारण बताया। इस दौरान पवार ने कहा कि शहर में पानी की कमी, कूड़ा-कचरा, खराब सड़कें, ट्रैफिक जाम और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति जैसी समस्याएं हैं। उनका कहना था कि इन समस्याओं को सुलझाने की राजनीतिक इच्छा नहीं दिखाई दे रही।
कोयटा गैंग को खत्म किया जाए- पवार
पवार ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि शहर में कानून-व्यवस्था को सही रखा जाए। केंद्र और राज्य में हम महाराष्ट्र महायुति में हैं, लेकिन पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ की स्थिति अलग है। इसके लिए नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
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अजित पवार ने यह भी कहा कि वह पुणे के गार्डियन मिनिस्टर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन नगर निगम के पास अलग अधिकार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पैसा केंद्र और राज्य से आया है, लेकिन स्थानीय अधिकारी उसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाए।
पवार ने जनता से की अपील
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री ने आगे लोगों से अपील की है कि बाहरी लोग आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन अपने लोगों को पहचानो और अपने लोगों के साथ खड़े रहो। उन्होंने कहा कि पुणे की नेतृत्व क्षमता कमजोर है, जबकि केंद्र और राज्य की नेतृत्व क्षमता मजबूत है।
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पवार के आरोप पर भाजपा में नाराजगी
गौरतलब है कि पवार के ये बयान उनके अपने ही सहयोगी भाजपा के नेताओं को नागवार गुजरे हैं। जब शुक्रवार और शनिवार को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया। इस पर महाराष्ट्र भाजपा के प्रमुख रविंद्र चव्हाण ने कहा कि अगर भाजपा भी आरोप लगाएगी, तो यह पवार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
उन्होंने पवार को सलाह दी कि आरोप लगाने से पहले स्वयं की जांच और आत्मनिरीक्षण करें। दूसरी ओर महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने भी पवार से कहा कि नगर निगम चुनाव के दौरान सहयोगियों पर हमला न करें।
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