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महाराष्ट्र : बच्चों को सरकारी राशन नहीं मिलने पर नाराज हाली रघुनाथ ने लौटाया राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार
Thu, 03 Jun 2021 03:54 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, ठाणे
एजेंसी, ठाणे
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 03 Jun 2021 03:54 AM IST
सार
- बच्चों के राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित हाली रघुनाथ राठ आंदेल पाड़ा की रहने वाली हैं। अब अपनी उम्र के 20वें दशक में हैं। उन्हें 2013 में अपनी बहन को तेंदुए से बचाने के लिए ‘वीर बापूजी गांधानी राष्ट्रीय बालवीर पुरस्कार’ से नवाजा गया था।
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2013 में हाली रघुनाथ को मिला था राष्ट्रीय बालवीर पुरस्कार
- फोटो : social media
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विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बच्चों के राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित एक आदिवासी युवती ने बुधवार को यह सम्मान वापस लौटा दिया। महिला ने यह कदम अपने परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान से राशन नहीं मिलने से नाराज होकर उठाया। युवती का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों की मनमानी के चलते शाहपुर तहसील के करीब 400 परिवार राशन से वंचित हैं।
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राठ आंदेल पाड़ा में रहने वाली हाली रघुनाथ अब अपनी उम्र के 20वें दशक में हैं। उन्हें 2013 में अपनी बहन को तेंदुए से बचाने के लिए ‘वीर बापूजी गांधानी राष्ट्रीय बालवीर पुरस्कार’ से नवाजा गया था। उस समय वह महज 15 साल की थीं। हाली का कहना है कि यह पुरस्कार भी उसके परिवार की दयनीय हालत नहीं सुधार सका है।
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उसके परिवार के सदस्यों का नाम व अन्य ब्योरा ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज नहीं होने के चलते उन्हें आज तक पीडीएस दुकान से राशन नहीं मिल सका है। हाली का कहना है कि उसकी तहसील में करीब 400 आदिवासी परिवार इसी परेशानी से जूझ रहे हैं। इस सरकारी उदासीनता से नाराज होकर ही हाली ने भिवंडी के उपजिलाधिकारी के पास पहुंचकर अपना सम्मान लौटा दिया।
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