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Madras High Court: पहली बार किसी मामले में व्हाट्सएप के जरिए हुई सुनवाई, जानें क्या थी इसकी वजह?
Mon, 16 May 2022 11:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 16 May 2022 11:08 PM IST
सार
श्री अभीष्ट वरदराजा स्वामी मंदिर के वंशानुगत ट्रस्टी पी आर श्रीनिवासन ने दलील दी थी कि अगर सोमवार को उनके गांव में प्रस्तावित रथ महोत्सव आयोजित नहीं किया गया तो गांव को ‘दैवीय प्रकोप’ झेलना पड़ेगा। इस मामले में इमरजेंसी को देखते हुए जज जस्टिस जी आर स्वामीनाथन ने व्हाट्सएप के जरिए मामले की सुनवाई की।
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मद्रास हाईकोर्ट
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विस्तार
हाईकोर्ट के इतिहास में पहली बार किसी जज ने व्हाट्सएप के जरिए किसी मामले की सुनवाई की है। ये हैरान कर देने वाला मामला रविवार की छुट्टी वाले दिन हुआ है। दरअसल, मद्रास हाईकोर्ट के जज जस्टिस जी आर स्वामीनाथन रविवार को एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए शहर से बाहर नागरकोइल गये थे। वहीं से उन्होंने वॉट्सऐप से एक मामले की सुनवाई की।
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मंदिर से जुड़ा था मामला
दरअसल, मामला धर्मपुरी जिले के एक मंदिर से जुड़ा हुआ है। श्री अभीष्ट वरदराजा स्वामी मंदिर से हर साल निकलने वाली रथ यात्रा पर हिंदू धार्मिक और परमार्थ विभाग से संबद्ध निरीक्षक ने मंदिर प्रशासन और ट्रस्टी को रथयात्रा रोकने का आदेश दिया था। इस मामले में श्री अभीष्ट वरदराजा स्वामी मंदिर के वंशानुगत ट्रस्टी पी आर श्रीनिवासन ने दलील दी थी कि अगर सोमवार को उनके गांव में प्रस्तावित रथ महोत्सव आयोजित नहीं किया गया तो गांव को ‘दैवीय प्रकोप’ झेलना पड़ेगा। इस मामले में इमरजेंसी को देखते हुए जज जस्टिस जी आर स्वामीनाथन ने व्हाट्सएप के जरिए मामले की सुनवाई की।
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व्हाट्सएप से हुई सुनवाई
उन्होंने मामले की सुनवाई की शुरुआत में ही कहा कि रिट याचिकाकर्ता की प्रार्थना की वजह से मुझे नागरकोइल से इमरजेंसी सुनवाई करनी पड़ी है और व्हाट्सएप के जरिए मामले की सुनवाई की जा रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस जी आर स्वामीनाथन ने नागरकोइल से मामले की सुनवाई कर रहे थे, वहीं याचिकाकर्ता के वकील वी राघवाचारी एक स्थान से और सॉलिसिटर जनरल आर षणमुगसुंदरम दूसरी जगह से इस सुनवाई में हिस्सा ले रहे थे।
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सुनवाई करते हुए जस्टिस ने यह कहते हुए कि हिंदू धार्मिक और परमार्थ विभाग से संबद्ध निरीक्षक को मंदिर प्रशासन और ट्रस्टी को रथयात्रा रोकने का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है, आदेश को खारिज कर दिया।
जज ने दिए आदेश
सुनवाई के दौरान सालिसिटर जनरल ने जज से कहा कि सरकार को महोत्सव के आयोजन से कोई दिक्कत नहीं है। सरकार की चिंता केवल आम जनता की सुरक्षा है। उन्होंने तर्क दिया कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की वजह से तंजोर जिले में हाल में ऐसी ही एक रथ यात्रा में बड़ा हादसा हो गया था। इस पर जज ने मंदिर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि रथ यात्रा के आयोजन के दौरान सरकार की ओर से निर्धारित नियम एवं शतरें का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके साथ ही जज ने सरकारी विद्युत वितरक कंपनी टैनगेडको रथयात्रा शुरू होने से लेकर इसके गंतव्य पर पहुंचने तक कुछ घंटे के लिए क्षेत्र की बिजली काट देने का निर्देश दिया है।